हरिद्वार नगर निगम ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली लागू की है। ड्रोन के जरिए कांवड़ मार्गों पर रियल-टाइम निगरानी कर सफाई टीमों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
हरिद्वार: Kanwar Yatra 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए हरिद्वार नगर निगम ने स्वच्छता व्यवस्था के लिए उन्नत ड्रोन तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन की मदद से कांवड़ मार्गों पर रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, जिससे कूड़े की पहचान, सफाई कार्य और अन्य व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
ड्रोन से रखी जा रही कांवड़ मार्गों पर नजर
हरिद्वार नगर निगम ने इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली लागू की है। नगर निगम के अनुसार करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण पूरे कांवड़ मार्ग की लगातार मानवीय निगरानी करना संभव नहीं है। ऐसे में ड्रोन तकनीक के जरिए पूरे मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ड्रोन उड़ान के दौरान ऐसे स्थानों की भी पहचान कर रहे हैं, जहां सामान्य निरीक्षण टीम की नजर तुरंत नहीं पहुंच पाती। इससे सफाई व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनी हुई है और किसी भी स्थान पर कूड़ा जमा होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
रियल-टाइम अलर्ट से तुरंत पहुंच रही सफाई टीम
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि यदि ड्रोन के जरिए झाड़ियों, डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कूड़ा दिखाई देता है, तो उसकी फोटो और जियोटैग लोकेशन तुरंत नगर निगम के व्हाट्सएप कमांड ग्रुप में साझा की जाती है। इस ग्रुप में सभी सफाई निरीक्षक, जोन प्रभारी और ड्रोन ऑपरेशन टीम के सदस्य जुड़े हुए हैं।
लोकेशन मिलने के तुरंत बाद संबंधित सफाई निरीक्षक को सूचना भेजी जाती है और सफाई कर्मियों की टीम मौके पर पहुंचकर कूड़ा हटाती है। सफाई पूरी होने के बाद उसी स्थान की नई तस्वीर भी कमांड ग्रुप में साझा की जाती है, जिससे पूरे कार्य की निगरानी और पुष्टि एक ही प्लेटफॉर्म पर हो जाती है।
स्वच्छता के साथ सुरक्षा पर भी फोकस
ड्रोन तकनीक का उपयोग केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। नगर निगम इसकी मदद से कांवड़ मार्गों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की भी पहचान कर रहा है, ताकि उन्हें समय रहते हटाया जा सके और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए।
इसके अलावा सड़क किनारे जमा अपशिष्ट, डस्टबिन की स्थिति, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और सफाई दलों की तैनाती पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। इससे प्रशासन को मौके की वास्तविक स्थिति तुरंत मिल रही है और आवश्यक कार्रवाई में देरी नहीं हो रही।
तकनीक से बेहतर होगी स्वच्छता व्यवस्था
नगर निगम का कहना है कि ड्रोन आधारित निगरानी का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि पूरे स्वच्छता प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग से सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अधिकारियों को हर गतिविधि की तुरंत जानकारी मिल रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में नगर निगम को उम्मीद है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।










