अलीगंज अग्निकांड के बाद आसपास के क्षेत्र में कई असुरक्षित इमारतों और कोचिंग सेंटरों का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि एलडीए की कमजोर निगरानी और अवैध निर्माणों के कारण भविष्य में बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है।
Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आसपास के इलाके की इमारतों पर भी सवाल उठने लगे हैं। Lucknow Fire Accident के बाद सामने आया है कि क्षेत्र में कई बहुमंजिला भवन और कोचिंग संस्थान ऐसे हैं जहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगरानी की कमी और नियमों की अनदेखी के चलते जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
अग्निकांड के बाद आसपास की इमारतों पर उठे सवाल
अलीगंज सेक्टर-डी स्थित इमारत में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने न केवल एक भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे इलाके में मौजूद अन्य बहुमंजिला इमारतों की स्थिति भी चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में हादसा हुआ, उसके आसपास भी कई ऐसी इमारतें मौजूद हैं जहां आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आवासीय क्षेत्र होने के बावजूद यहां तेजी से व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं और कई भवनों का उपयोग कोचिंग सेंटर, कार्यालय और अन्य संस्थानों के रूप में किया जा रहा है।
क्षेत्र का निरीक्षण करने पर कई ऐसे भवन दिखाई देते हैं जिनमें अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों का अभाव नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक गतिविधियों से बढ़ा जोखिम
अलीगंज और कपूरथला मार्ग के आसपास बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। कई इमारतों में ऊपरी मंजिलों पर कक्षाएं चल रही हैं, जबकि भूतल पर दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे भवनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र और कर्मचारी आते-जाते हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई भवनों में पार्किंग, आपातकालीन निकास और अग्नि सुरक्षा उपकरणों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। कुछ स्थानों पर खुले बिजली के तार और संकरे रास्ते भी देखे गए हैं, जो किसी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावित कर सकते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे भवनों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए।
निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल
अलीगंज अग्निकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल निगरानी और नियमों के पालन को लेकर उठ रहा है। क्षेत्र में कई निर्माण कार्य जारी हैं, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि इनमें से कुछ निर्माण सुरक्षा और भवन मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार एजेंसियों को समय-समय पर निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बीच अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। बहुमंजिला भवनों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक परिसरों में नियमित जांच, सुरक्षा ऑडिट और फायर सेफ्टी प्रमाणन की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। अलीगंज में हुए हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
फिलहाल प्रशासनिक एजेंसियां अग्निकांड की जांच में जुटी हैं, जबकि स्थानीय लोग पूरे इलाके में सुरक्षा मानकों की समीक्षा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।










