मैसूर पाक दक्षिण भारत (कर्नाटक) की एक शाही मिठाई है, जिसका आविष्कार मैसूर पैलेस की रसोई में हुआ था। जैसा कि आपने कहा, यह बेसन, ढेर सारे घी और चीनी से बनती है। इसके दो रूप होते हैं- एक जालीदार और सख्त (Traditional), और दूसरा एकदम नरम जो मुंह में रखते ही घुल जाए (Soft Mysore Pak)।
यहाँ मैं आपको 'सॉफ्ट मैसूर पाक' (Soft Mysore Pak) की रेसिपी बता रहा हूँ, जो आजकल सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और जिसे घर पर बनाना आसान है।
आवश्यक सामग्री
- बेसन (Gram Flour): 1 कप
- चीनी: 1 कप
- देसी घी: 1 कप (पिघला हुआ) - शाही स्वाद के लिए शुद्ध घी ही लें
- पानी: ½ कप
- तेल: 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक, हलवाई अक्सर इसे घी में मिलाते हैं ताकि मिठाई जमे नहीं और नरम रहे, लेकिन आप सिर्फ घी भी इस्तेमाल कर सकते हैं)
बनाने की विधि:
बेसन की तैयारी
- सबसे पहले बेसन को छलनी से छान लें ताकि उसमें कोई गांठ (lumps) न रहे।
- एक कड़ाही में बेसन डालें और बिल्कुल धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक सूखा भूनें (Dry Roast)।
- ध्यान दें: बेसन का रंग नहीं बदलना चाहिए, बस उसका कच्चापन निकल जाए और हल्की खुशबू आने लगे। गैस बंद करें और बेसन को एक प्लेट में निकाल लें।
- घी और बेसन का घोल
- पिघले हुए घी (1 कप) में से आधा घी (½ कप) भुने हुए बेसन में डालें।
- इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि एक चिकना घोल (smooth paste) बन जाए। इसमें कोई गांठ नहीं होनी चाहिए।
- बचे हुए ½ कप घी को साइड में रख दें।
चाशनी बनाना
- कड़ाही में 1 कप चीनी और ½ कप पानी डालें।
- इसे मध्यम आंच पर उबालें। हमें एक तार की चाशनी (One string consistency) चाहिए।
- जांचने के लिए: उंगली और अंगूठे के बीच चाशनी चिपका कर देखें, अगर एक पतला तार बन रहा है, तो चाशनी तैयार है।
पकाना
- गैस की आंच धीमी कर दें। अब चाशनी में बेसन और घी का घोल धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें।
- जैसे ही मिश्रण गाढ़ा होने लगे और बुलबुले आने लगें, इसमें बचा हुआ गर्म घी थोड़ा-थोड़ा करके (एक-एक चम्मच) डालते जाएं और चलाते जाएं।
- लगातार चलाते रहें जब तक कि बेसन पूरा घी सोख न ले और मिश्रण कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे।
- जब मिश्रण में जाली (pores) पड़ने लगें और वह एक साथ इकट्ठा होकर घूमने लगे, तो गैस तुरंत बंद कर दें। (ज्यादा पकाने से यह सख्त हो जाएगा)।
जमाना
- एक ट्रे या थाली में पहले से घी लगाकर रखें।
- तैयार मिश्रण को तुरंत ट्रे में डालें। इसे ऊपर से समतल (flat) न करें, इसे अपने आप फैलने दें (ताकि जाली बनी रहे)।
- 15-20 मिनट के लिए ठंडा होने दें।
- जब यह हल्का गर्म हो, तभी चाकू से चौकोर टुकड़ों में काट लें।
परोसने और स्टोर करने का तरीका
- मैसूर पाक पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही सर्व करें।
- इसे एयरटाइट डिब्बे में कमरे के तापमान पर 10-15 दिनों तक रखा जा सकता है। फ्रिज में रखने की ज़रूरत नहीं होती।
खाने के फायदे
मैसूर पाक न केवल स्वाद में शाही है, बल्कि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा (Instant Energy) देने वाला एक बेहतरीन स्रोत भी है। इसमें मुख्य रूप से बेसन (चने का आटा) होता है, जो प्रोटीन का अच्छा माध्यम है और मांसपेशियों को मजबूती देता है। इसके अलावा, इसमें भरपूर मात्रा में इस्तेमाल होने वाला शुद्ध देसी घी शरीर को 'गुड फैट्स' और आंतरिक चिकनाई (Lubrication) प्रदान करता है, जो त्वचा को चमक देता है और जोड़ों के लिए फायदेमंद है। हालांकि, यह काफी भारी (calorie-dense) होता है, इसलिए थकान या कमजोरी महसूस होने पर इसका एक छोटा टुकड़ा भी शरीर में ताकत भरने के लिए काफी होता है।













