गोविंद सिंह डोटासरा ने पचपदरा रिफाइनरी आग हादसे पर जांच की मांग की। उन्होंने सरकार पर लापरवाही, महिला आरक्षण में देरी और प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को लेकर सवाल उठाए और कई गंभीर आरोप लगाए।
सीकर: राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मंगलवार को सीकर जिले के सांगलिया गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम कोजाराम सेवदा द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भूमिदान देकर बनाए गए पशु चिकित्सा उपकेंद्र के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इस दौरान डोटासरा ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर जमकर निशाना साधा और कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
पचपदरा रिफाइनरी हादसे की जांच की मांग
डोटासरा ने पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में हुए आग हादसे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों के बावजूद हादसा कैसे हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- परियोजना पहले से ही देरी में चल रही थी
- अब हादसे के कारण 6 से 12 महीने और देरी संभव है
- करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है
डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इतनी बड़ी घटना होना कई सवाल खड़े करता है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर सवाल
डोटासरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के हालिया भावनात्मक बयान पर उन्हें असहज महसूस हुआ। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संघर्षों जैसे ईरान-इजरायल तनाव के समय भी ऐसी प्रतिक्रिया नहीं देखी गई।
उन्होंने कहा कि देश को मजबूत नेतृत्व और ठोस नीति की जरूरत है, न कि भावनात्मक राजनीति की।
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महिला आरक्षण कानून पर केंद्र सरकार को घेरा
डोटासरा ने महिला आरक्षण कानून को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कानून 2022-23 में संसद से पारित हो चुका था, लेकिन इसे लागू करने में देरी की गई।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो जल्द जनगणना कराकर 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है।
जनगणना और परिसीमन पर सवाल
डोटासरा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर देरी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रही है।
महिला आरक्षण और कांग्रेस का दावा
डोटासरा ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। उन्होंने दावा किया कि:
पंचायतीराज और स्थानीय निकायों में आरक्षण कांग्रेस सरकारों ने दिया
राज्यसभा में पहले ही महिला आरक्षण पर समर्थन दिया गया था
उन्होंने कहा कि अब जब कानून पारित हो चुका है, तो इसे लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है, विपक्ष की नहीं।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर हमला बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति कमजोर हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है
- औद्योगिक हादसे और आग की घटनाएं बढ़ रही हैं
- सरकार जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंचायत और निकाय चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं, तो जनता की असल राय सामने आ जाएगी।
डिप्टी सीएम के बयान पर पलटवार
डोटासरा ने डिप्टी मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 2023 में जो विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था, वह आज भी लागू होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार जिम्मेदारी टाल रही है, जबकि कानून लागू करने की प्रक्रिया सरल हो सकती है।
रिफाइनरी और विकास परियोजनाओं पर चिंता
डोटासरा ने कहा कि बड़े विकास प्रोजेक्ट्स में देरी और हादसे राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रहे हैं।
पचपदरा रिफाइनरी को लेकर उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जुड़े हादसे और देरी जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं और सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
डोटासरा के बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर से तेज हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह बयानबाजी और बढ़ सकती है।









