मिलिट्री स्कूल में एडमिशन के लिए क्या जरूरी है, जानें पूरा तरीका

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) में कक्षा 6 और 9 के लिए CET, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के जरिए प्रवेश। स्कूल CBSE से संबद्ध और आवासीय हैं।

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) बच्चों को अनुशासन, नेतृत्व और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं। प्रवेश मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 में होता है, जिसमें CET, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं। ये आवासीय स्कूल CBSE बोर्ड से संबद्ध हैं और आम नागरिकों के बच्चों के लिए भी खुले हैं, हालांकि उनकी फीस थोड़ी अधिक होती है।

RMS Admission 2026: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो बच्चों को सेना में करियर और उच्च शिक्षा के लिए तैयार करती है। कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए CET, पर्सनालिटी इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस टेस्ट अनिवार्य हैं। RMS पूरे देश में पांच आवासीय स्कूलों में उपलब्ध हैं, और आम नागरिकों के बच्चे भी निर्धारित फीस और योग्यता पूरी करने पर शामिल हो सकते हैं। ये स्कूल अनुशासन, खेल-कूद और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान देते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया और योग्यता

राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) में प्रवेश मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 के लिए होता है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिए बच्चों की उम्र 10 से 12 साल और कक्षा 5 की पासिंग जरूरी है। कक्षा 9 में प्रवेश सिर्फ लड़कों के लिए है, उम्र सीमा 13 से 15 साल और कक्षा 8 पास होना अनिवार्य है। एडमिशन तीन चरणों में होता है: पहले CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट), फिर पर्सनालिटी इंटरव्यू और अंत में मेडिकल फिटनेस टेस्ट।

केंद्रीय स्कूलों में पढ़ाई और सुविधाएं

RMS पूरी तरह आवासीय स्कूल हैं और CBSE बोर्ड से संबद्ध हैं। यहां पढ़ाई के साथ नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और अनुशासन पर जोर दिया जाता है। छात्रों को घुड़सवारी, तैराकी, निशानेबाजी, खेल-कूद और शारीरिक प्रशिक्षण (PT) की सुविधा मिलती है। दिनचर्या सुबह की PT से लेकर रात की पढ़ाई तक सख्त टाइम टेबल पर चलती है।

फीस और आम नागरिक के बच्चों के लिए अवसर

RMS में आम नागरिक (सिविलियन) के बच्चे भी प्रवेश ले सकते हैं। फीस सरकारी सब्सिडी की वजह से सैन्य परिवारों के बच्चों के लिए कम होती है, जबकि सिविलियन के लिए लगभग 51,000 रुपये सालाना होती है। सैन्य कर्मियों के बच्चों के लिए फीस 12,000 से 32,000 रुपये सालाना तय है। SC/ST छात्रों को अतिरिक्त रियायत भी मिलती है।

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