Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने सोमवार को Noida International Airport से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत के मौके पर कहा कि भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में देश की विमानन क्षमता और मजबूत होगी।
नोएडा: भारत के एविएशन सेक्टर में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों (Commercial Flights) का शुभारंभ कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत का विमानन उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले समय में देश में ही ‘मेड इन इंडिया’ सिविल एयरक्राफ्ट तैयार किए जाएंगे।
यह घोषणा भारत के एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे देश में विमान निर्माण और रखरखाव (MRO) उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
‘मेड इन इंडिया’ एयरक्राफ्ट की दिशा में बड़ा कदम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट संचालन की शुरुआत के मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए देश में एयरक्राफ्ट निर्माण क्षमता विकसित करने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत केवल हवाई यात्रा का बड़ा बाजार ही नहीं रहेगा, बल्कि विमान निर्माण के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। ‘मेड इन इंडिया’ एयरक्राफ्ट का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करेगा।
राम मोहन नायडू ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे न केवल निवेश के अवसर बढ़ेंगे बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ-साथ देश के हर नागरिक तक हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाया जाए।
उड़ान योजना और एविएशन नेटवर्क का विस्तार
![]()
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘उड़ान योजना’ (UDAN Scheme) के तहत देशभर में छोटे और बड़े एयरपोर्ट्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। इस योजना का उद्देश्य हवाई यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाना और देश के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
नोएडा एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस की रही, जो लखनऊ से उड़ान भरकर यहां पहुंची। इस ऐतिहासिक उड़ान का स्वागत भव्य तरीके से किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पहले निवेशकों को दिल्ली एयरपोर्ट के जरिए यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट उपलब्ध हो गया है, जिससे राज्य में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में निवेश और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
सतीश महाना ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में लाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पहले जहां कागजी प्रक्रियाओं में समय लगता था, अब विकास परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और उद्योग सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों में उत्साह देखने को मिला, खासकर किसानों और आम यात्रियों ने इसे एक नई शुरुआत बताया। हालांकि कुछ यात्रियों ने टैक्सी और ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेवाओं को लेकर असुविधा की शिकायत भी की।









