हार्ट हेल्थ और मोटापे को नियंत्रित रखने के लिए प्लांट बेस्ड प्रोटीन को डाइट में शामिल करना जरूरी है। American Heart Association के मुताबिक, डेयरी फैट कम करके दालें, राजमा, सोयाबीन, नट्स और क्विनोआ जैसी पौधों से मिलने वाली प्रोटीन को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह दिल के लिए सुरक्षित, फाइबरयुक्त और पाचन के अनुकूल विकल्प है।
Plant-Based Protein for Heart Health: हार्ट को स्वस्थ रखने और मोटापे को नियंत्रित करने के लिए डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन शामिल करना बेहद जरूरी है। American Heart Association और डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, दालें, राजमा, सोयाबीन, नट्स और क्विनोआ जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन शरीर को जरूरी एमिनो एसिड, विटामिन और फाइबर प्रदान करते हैं। ये हार्ट के लिए सुरक्षित हैं, फैट कम रखते हैं और पाचन के लिए हल्के हैं, जिससे लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
हार्ट हेल्थ के लिए प्लांट बेस्ड प्रोटीन जरूरी
दिल की बीमारियों और मोटापे को रोकने के लिए American Heart Association ने हाल ही में डाइट से जुड़ी अहम सलाह दी है। एसोसिएशन के अनुसार, लोगों को डेयरी फैट कम करके अपनी डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन शामिल करना चाहिए। यह प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी एमिनो एसिड, विटामिन और फाइबर प्रदान करता है और हार्ट को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के यूनिट हेड डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि प्लांट बेस्ड प्रोटीन जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की तुलना में फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है और यह मोटापे तथा हार्ट संबंधी बीमारियों के जोखिम को घटाता है।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन किन चीजों में मिलता है
पौधों से मिलने वाला यह प्रोटीन कई सामान्य और आसानी से उपलब्ध चीजों में पाया जाता है। इसमें दालें जैसे मूंग, मसूर और अरहर, चना, राजमा, सोयाबीन, बादाम, अखरोट, चिया सीड, क्विनोआ और ब्राउन राइस शामिल हैं।
इन खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन शरीर में फैट को नियंत्रित रखता है और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है। यह हार्ट के लिए सुरक्षित और लाभकारी विकल्प माना जाता है।
डेयरी प्रोटीन और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अंतर
डेयरी प्रोटीन जैसे दूध, घी और मक्खन में फैट की मात्रा अधिक होती है, जो हार्ट संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। वहीं, प्लांट बेस्ड प्रोटीन में सैचुरेटेड फैट कम होता है और यह पाचन के लिए भी हल्का होता है।
डॉ. सुभाष का कहना है कि पूरी तरह प्लांट बेस्ड डाइट अपनाने वालों को विटामिन B12 और आयरन की कमी न होने दें। किसी भी नई डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।











