पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद किया विभागों का बंटवारा, 35 मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 35 मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है। जानें किस मंत्री को कौन-सा नया विभाग मिला और राजनीतिक असर।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नई सरकार में मंत्रियों के विभागों का आवंटन पूरा कर लिया गया है। राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के लगभग 10 दिन बाद 35 नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे की आधिकारिक घोषणा बुधवार को कर दी।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 1 जून को शपथ लेने वाले 35 नए मंत्रियों को अब औपचारिक रूप से उनके मंत्रालय आवंटित कर दिए गए हैं। इस घोषणा के साथ राज्य सरकार में प्रशासनिक संरचना स्पष्ट हो गई है। यह मंत्रिमंडल विस्तार राज्य की नई राजनीतिक व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें शासन की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय संतुलन दोनों को ध्यान में रखा गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास प्रमुख विभाग

मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने अपने पास राज्य के कई अहम और रणनीतिक विभाग रखे हैं। इनमें गृह एवं पर्वतीय मामले, सूचना एवं संस्कृति, बिजली, भूमि एवं भूमि सुधार, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय शामिल हैं। इसके अलावा अन्य मंत्रियों को आवंटित नहीं किए गए विभागों की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेगी। इसे प्रशासनिक नियंत्रण और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो राज्य की आर्थिक नीतियों और बजट प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं तापस राय को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग दिया गया है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी डॉ. शारद्वत मुखर्जी को दी गई है, जबकि परिवहन और श्रम विभाग अर्जुन सिंह को सौंपा गया है।

शिक्षा, कृषि और प्रशासनिक विभागों का बंटवारा

पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद किया विभागों का बंटवारा, 35 मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग को दो भागों में बांटा गया है। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी जगन्नाथ चटर्जी को दी गई है, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग दीपक बर्मन के पास रहेगा। उन्हें आवास और एमएसएमई विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली है। कृषि विभाग दूध कुमार मंडल को दिया गया है, जबकि संसदीय कार्य और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी शंकर घोष को सौंपी गई है।

वन एवं पर्यावरण विभाग मनोज उरांव को मिला है, जबकि जल संसाधन और सिंचाई विभाग अरूप कुमार दास के पास रहेगा। उत्तर बंगाल के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए कई मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। इसमें शंकर घोष, दीपक बर्मन और मनोज उरांव जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें क्षेत्रीय विकास और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण और सामाजिक न्याय से जुड़े विभाग भी विभिन्न मंत्रियों को सौंपे गए हैं, जिससे सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है।

स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्री

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में मालती रावा राय को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग दिया गया है। वहीं डॉ. इंद्रनील खान को खेल एवं युवा मामलों की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा कई राज्य मंत्रियों को भी विभिन्न विभागों का प्रभार सौंपा गया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, सहकारिता और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

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