पश्चिम एशिया संकट: आज नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक, वैश्विक असर को लेकर रणनीति पर होगी चर्चा

पश्चिम एशिया संकट को लेकर PM Narendra Modi आज मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। वैश्विक असर, भारत की रणनीति और सुरक्षा तैयारियों पर होगी गहन चर्च

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत सरकार सतर्क नजर आ रही है। इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक करने जा रहे हैं।

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से बने हालात के बीच शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें राज्यों की तैयारियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे।

इससे पहले संसद में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर बने हालात लंबे समय तक असर डाल सकते हैं। उन्होंने COVID-19 महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि उस कठिन समय में केंद्र और राज्यों ने मिलकर “टीम इंडिया” की तरह काम किया था और कोविड मैनेजमेंट का एक प्रभावी मॉडल पेश किया था। इसी तरह के सहयोग की जरूरत वर्तमान परिस्थितियों में भी है, ताकि संभावित चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके।

वैश्विक संकट और भारत की तैयारी

पश्चिम एशिया क्षेत्र लंबे समय से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है, और हालिया संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डालने की आशंका बढ़ा दी है। भारत, जो तेल आयात पर काफी हद तक निर्भर है, इस स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्यों की आपूर्ति श्रृंखला, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में देशभर में आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

पश्चिम एशिया संकट: आज नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक, वैश्विक असर को लेकर रणनीति पर होगी चर्चा

पांच राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं

इस महत्वपूर्ण बैठक में उन पांच राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, जहां फिलहाल विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। चुनावी आचार संहिता लागू होने के कारण इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस बैठक से बाहर रखा गया है। हालांकि, केंद्र सरकार इन राज्यों के प्रशासनिक प्रमुखों मुख्य सचिवों के साथ अलग से संवाद करेगी, ताकि किसी भी स्तर पर तैयारी में कमी न रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संसद में अपने संबोधन के दौरान कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए “टीम इंडिया” दृष्टिकोण का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों ने एक प्रभावी संकट प्रबंधन मॉडल प्रस्तुत किया था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं। इसलिए, सभी राज्यों को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता बनी रहे।

अफवाहों और कालाबाजारी पर सख्ती

सरकार का एक प्रमुख फोकस यह भी है कि इस संवेदनशील समय में देश में घबराहट या अफवाहें न फैलें। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा होने की संभावना है कि कैसे सही जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए और फेक न्यूज पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए भी राज्यों को निर्देश दिए जा सकते हैं। केंद्र पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी तरह की जमाखोरी या मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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