राहुल गांधी काले कपड़ों में संसद पहुंचे: विपक्ष ने उठाई चर्चा की मांग; सरकार बोली- बहस को तैयार

NEET पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे। विपक्ष ने चर्चा की मांग की, सरकार ने बहस के लिए तैयार

NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने संसद में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने विस्तृत चर्चा की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि वह इस मुद्दे पर संसद में बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि वह इस विषय पर संसद में बहस के लिए तैयार है।

संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के साथ ही यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर इस संवेदनशील विषय का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है।

काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद

बुधवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी काले कपड़ों में संसद भवन पहुंचे। उनके साथ प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, प्रमोद तिवारी और अन्य सांसद भी विरोध के प्रतीक के रूप में काले वस्त्र पहनकर पहुंचे। राहुल गांधी आमतौर पर सफेद टी-शर्ट में दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने छात्रों के समर्थन में काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन उन छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है, जो परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।

विपक्ष की मांग- संसद में हो विस्तृत चर्चा

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा में NEET पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और सैयद नासिर हुसैन ने नियम 267 के तहत कार्यवाही स्थगित कर इस विषय पर बहस कराने का नोटिस भी दिया। विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। उनका आरोप है कि बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सरकार ने कहा- चर्चा के लिए तैयार हैं

विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने स्पष्ट किया कि वह संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर लोकतांत्रिक तरीके से बहस का स्वागत करती है। इससे पहले एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।

प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा

सरकार की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लाखों परिवार परीक्षा प्रणाली पर भरोसा करते हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करे। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

भाजपा का पलटवार

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे छात्रों के मुद्दे पर जिम्मेदार राजनीति करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार पहले ही मामले की जांच करा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। उनका आरोप है कि विपक्ष छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है।

राहुल गांधी काले कपड़ों में संसद पहुंचे: विपक्ष ने उठाई चर्चा की मांग; सरकार बोली- बहस को तैयार

संसद में लगातार बना रहा गतिरोध

मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही विपक्ष NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग करता रहा है। मंगलवार को भी दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। सदन के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। वहीं राहुल गांधी ने भी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा कराने की मांग दोहराई।

विपक्ष ने मनाया ब्लैक डे

कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने छात्रों के समर्थन और हालिया घटनाओं के विरोध में बुधवार को "ब्लैक डे" मनाने का निर्णय लिया। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा सामने न आएं।

शिक्षा मंत्री पर विपक्ष के सवाल

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण शिक्षा मंत्रालय को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। हालांकि सरकार ने शिक्षा मंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय बहस

NEET पेपर लीक विवाद अब केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा प्रबंधन, प्रश्नपत्र संरक्षण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। संसद में इस विषय पर होने वाली संभावित चर्चा से यह उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए सुझाव सामने आएंगे।

आगे क्या?

मानसून सत्र के आगामी दिनों में NEET पेपर लीक का मुद्दा संसद की कार्यवाही पर प्रभाव डाल सकता है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा पर सहमति बनती है तो इस विषय पर विस्तृत बहस होने की संभावना है। वहीं विपक्ष छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार संसद और सड़कों पर उठाने की बात कह रहा है।

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