रांची पहाड़ी मंदिर परिसर में अतिक्रमण पर सख्ती, 200 से ज्यादा स्थानों की होगी ड्रोन मैपिंग

श्रावणी मेला से पहले रांची पहाड़ी मंदिर परिसर में 200 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित। नगर निगम ड्रोन मैपिंग कर कार्रवाई की तैयारी में जुटा।

रांची नगर निगम ने श्रावणी मेला से पहले पहाड़ी मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। निरीक्षण में 200 से अधिक संभावित अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। स्थिति का सटीक आकलन करने के लिए ड्रोन मैपिंग कराई जाएगी।

 Ranchi: श्रावणी मेला की तैयारियों के बीच रांची नगर निगम ने पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास की निगम भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक निरीक्षण में 200 से अधिक स्थानों पर कब्जे के मामले सामने आए हैं। अब पूरे क्षेत्र की ड्रोन मैपिंग कराकर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

रांची पहाड़ी मंदिर परिसर में अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज

श्रावणी मेला से पहले रांची नगर निगम ने पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास की निगम स्वामित्व वाली भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। हाल ही में किए गए निरीक्षण में 200 से अधिक संभावित अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनकी सटीक स्थिति और दायरे का पता लगाने के लिए ड्रोन मैपिंग कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर को व्यवस्थित बनाना, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम करना और मेले के दौरान यातायात तथा अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करना है। नगर निगम का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

निरीक्षण में सामने आए 200 से अधिक अतिक्रमण

नगर निगम की प्रारंभिक जांच में 200 से अधिक संभावित अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें झुग्गी-झोपड़ियों के अलावा होटल, भोजनालय, दूध काउंटर, धार्मिक स्थल और अन्य स्थायी व अस्थायी संरचनाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने पाया कि पहाड़ी मंदिर के आसपास कई स्थानों पर निगम की भूमि पर कब्जा कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

निरीक्षण के दौरान आसपास स्थित कुछ आवासीय अपार्टमेंट के बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्रों में भी व्यावसायिक उपयोग के संकेत मिले। नगर निगम ने ऐसे मामलों की अलग से जांच करने का निर्णय लिया है, ताकि भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट हो सके।

ड्रोन तकनीक से तैयार होगा विस्तृत नक्शा

अतिक्रमण की सही स्थिति और दायरे का पता लगाने के लिए नगर निगम पूरे पहाड़ी मंदिर परिसर की ड्रोन मैपिंग कराएगा। इस प्रक्रिया से भूमि की वास्तविक सीमा, कब्जे वाले हिस्सों और विभिन्न संरचनाओं की स्थिति का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। ड्रोन सर्वे के जरिए अधिकारियों को यह समझने में आसानी होगी कि किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुआ है और वहां किस तरह की कार्रवाई की आवश्यकता है।

नगर निगम का कहना है कि मैपिंग रिपोर्ट मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे कार्रवाई अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद है।

बिना एनओसी निर्माण और सफाई व्यवस्था पर भी नजर

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि क्षेत्र में चारदीवारी और पेवर ब्लॉक निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, जबकि इसके लिए नगर निगम से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया गया था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद यह कार्य फिलहाल बंद है। अब निगम इस मामले की भी जांच करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।

इसके अलावा मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य से निकला मलबा भी पाया गया। अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को तत्काल मलबा हटाने और सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले मंदिर परिसर, पहुंच मार्गों और आसपास के इलाकों को अतिक्रमण और अव्यवस्था से मुक्त किया जाए। प्रशासन का मानना है कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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