रूस के ब्लैक सी तट पर एक व्यस्त बीच पर ड्रोन गिरने से सात लोगों की मौत और 40 लोग घायल हो गए। रूस ने इस घटना के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया, जबकि यूक्रेन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया
रूसऔर यूक्रेन वॉर: रूस के दक्षिणी क्रास्नोदार (Krasnodar) क्षेत्र में स्थित ब्लैक सी (Black Sea) तट पर एक व्यस्त समुद्र तट के पास ड्रोन गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना में 40 लोग घायल हुए हैं, जबकि 17 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा उस समय हुआ जब समुद्र तट पर बड़ी संख्या में पर्यटक छुट्टियां मना रहे थे। रूस ने इस घटना के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक यूक्रेन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दोनों देश पहले भी एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि दोनों पक्ष ऐसे आरोपों से इनकार करते हैं।
बीच पर मौजूद थे सैकड़ों पर्यटक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय बीच पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कुछ लोग समुद्र में तैर रहे थे, जबकि अन्य किनारे पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान आसमान से एक ड्रोन तेजी से नीचे आया और समुद्र तट के पास विस्फोट हो गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में ड्रोन को चट्टान की ओर तेजी से बढ़ते और फिर समुद्र तट के पास आग के गोले में बदलते देखा गया। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने की है।
रूस का दावा- नागरिकों को बनाया गया निशाना
क्रास्नोदार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने कहा कि यह हमला आम नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया। उन्होंने कहा कि मृतकों में तीन बच्चे शामिल हैं और कई घायल गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। रूसी अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के कारणों तथा ड्रोन के मार्ग का विश्लेषण कर रही हैं।
ड्रोन का वास्तविक लक्ष्य अभी स्पष्ट नहीं
हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ड्रोन का वास्तविक लक्ष्य क्या था। कुछ यूक्रेनी टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (Electronic Warfare) सिस्टम द्वारा ड्रोन का सिग्नल बाधित होने के कारण वह अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका और समुद्र तट पर गिर गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि विस्फोट से पहले गोलियों जैसी आवाजें सुनाई दी थीं। इससे यह संभावना भी जताई जा रही है कि रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को मार गिराने की कोशिश की हो, जिसके बाद उसके मलबे ने बीच पर गिरकर विस्फोट किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
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बिना सायरन के हुआ हमला
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने बताया कि हमले से पहले किसी प्रकार का चेतावनी सायरन नहीं बजा। कई लोगों ने बताया कि उन्हें कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। एक पर्यटक ने बताया कि विस्फोट होते ही लोग घबराकर बीच पर रखी कुर्सियों और सन लाउंजर के पीछे छिप गए। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसने पहले मशीनगन जैसी आवाज सुनी और कुछ ही सेकंड बाद तेज धमाका हुआ। एक महिला ने स्थानीय मीडिया से कहा कि यह घटना उसके बच्चों के सामने हुई, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद डर गए हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ रहे लंबी दूरी के ड्रोन हमले
पिछले एक वर्ष के दौरान यूक्रेन ने रूस के अंदर लंबी दूरी तक ड्रोन हमलों की अपनी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यूक्रेन का कहना है कि उसके हमलों का लक्ष्य सैन्य ठिकाने, ऊर्जा अवसंरचना और ऐसे गोदाम होते हैं जिनका उपयोग रूसी सेना के लिए किया जाता है। हालांकि, कई मामलों में इन हमलों के दौरान नागरिक हताहत भी हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है।
सेंट पीटर्सबर्ग के पास भी ड्रोन हमला
इसी बीच रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर सेंट पीटर्सबर्ग के निकट स्थित एक गोदाम परिसर पर भी ड्रोन हमला होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन प्रभावित गोदाम का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। हाल के सप्ताहों में रूस के कई क्षेत्रों में वेयरहाउस, औद्योगिक परिसरों और ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं।
दूसरी ओर यूक्रेन पर भी जारी हैं रूसी हमले
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध में दोनों देशों के कई शहर लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं। यूक्रेन का आरोप है कि रूस लगातार रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। हाल ही में यूक्रेन की राजधानी कीव पर हुए मिसाइल हमलों में कई लोगों की मौत हुई थी। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में आवासीय इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और कई नागरिक घायल हुए। रूस इन आरोपों से इनकार करते हुए कहता है कि उसके हमलों का लक्ष्य केवल सैन्य और रणनीतिक ठिकाने होते हैं।
बढ़ती मानवीय चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने नागरिक सुरक्षा की चुनौतियों को और गंभीर बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संघर्ष के सभी पक्षों को नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है। संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठन लगातार दोनों पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील कर रहे हैं।









