बिहार में PDS विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा। उन्होंने ₹30 हजार मासिक मानदेय, लंबित कमीशन के भुगतान और भ्रष्टाचार रोकने समेत आठ मांगें उठाईं।
पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जन वितरण प्रणाली यानी PDS विक्रेताओं की आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। उन्होंने महंगाई, कमीशन भुगतान में देरी और तकनीकी दिक्कतों का हवाला देते हुए ₹30 हजार मासिक मानदेय समेत आठ सूत्री मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।
PDS विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर CM को पत्र
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में PDS विक्रेताओं को सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनकी आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का समाधान करने का आग्रह किया।
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तेजस्वी यादव के मुताबिक, बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक कठिनाइयों, कमीशन भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण PDS विक्रेताओं और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं पर तत्काल और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है।
₹30 हजार मासिक मानदेय की मांग
तेजस्वी यादव ने गुजरात की तर्ज पर बिहार के PDS विक्रेताओं को कम से कम ₹30 हजार प्रति माह का निश्चित मानदेय देने की मांग की है। उनका कहना है कि विक्रेताओं को मौजूदा परिस्थितियों में आर्थिक राहत देने के लिए निश्चित मासिक मानदेय जरूरी है।
इसके अलावा उन्होंने झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की मांग भी की है। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति की समय-सीमा समाप्त कर पात्र आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान सुनिश्चित करने की बात कही है।
लंबित कमीशन और बढ़ी राशि के भुगतान की मांग
तेजस्वी ने PDS विक्रेताओं के पिछले छह महीने से लेकर एक वर्ष तक के लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले घोषित कमीशन में ₹47 की बढ़ोतरी को लागू करने और उसका बकाया भुगतान करने की मांग की।
उनके पत्र के अनुसार, कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद एक वर्ष बीतने के बाद भी संबंधित राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसलिए उन्होंने सरकार से इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का आग्रह किया है।
गोदामों में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई
तेजस्वी यादव ने बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और घटतौली की शिकायतों का भी मुद्दा उठाया है। उन्होंने ऐसी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने और PDS व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनियमितता का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसलिए व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई को प्रभावी बनाने की जरूरत है।
ई-पास मशीन और सर्वर की समस्या दूर करने की मांग
PDS विक्रेताओं के सामने आने वाली तकनीकी दिक्कतों को लेकर भी तेजस्वी ने सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने माप-तौल, ई-पास मशीन और सर्वर से संबंधित समस्याओं का रियल-टाइम समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण विक्रेताओं के साथ-साथ राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी तकनीकी व्यवस्था जरूरी है।
प्रशासनिक दबाव रोकने और शिकायत निवारण की मांग
तेजस्वी यादव ने PDS व्यवस्था से जुड़े अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी की है। साथ ही उन्होंने जिला और प्रखंड स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली बनाने का सुझाव दिया है।
उन्होंने सरकार, विभागीय अधिकारियों और फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच नियमित त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि ऐसी बैठकों से विक्रेताओं की समस्याओं पर सीधे चर्चा कर स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
तेजस्वी यादव ने पत्र के अंत में उम्मीद जताई कि राज्य सरकार PDS विक्रेताओं की मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता से विचार करेगी और जल्द ठोस कदम उठाएगी।











