UK Heatwave: ब्रिटेन में भीषण गर्मी का असर, NHS अस्पतालों में डॉक्टरों को आ रहे चक्कर

ब्रिटेन में भीषण गर्मी का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। NHS अस्पतालों में अत्यधिक तापमान के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के चक्कर आने की

ब्रिटेन में भीषण गर्मी का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के कई अस्पतालों में अत्यधिक तापमान और उमस के कारण हालात चिंताजनक हो गए हैं। 

लंदन: ब्रिटेन इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और इसका असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते तापमान के कारण देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के कई अस्पताल गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अत्यधिक गर्मी और उमस के चलते डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को सर्जरी के दौरान डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन के कई पुराने अस्पताल वर्तमान जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप तैयार नहीं किए गए थे। लगातार बढ़ते तापमान ने अस्पतालों के बुनियादी ढांचे की सीमाओं को उजागर कर दिया है।

गर्मी के कारण प्रभावित हो रही सर्जरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई अस्पतालों में सर्जनों को ऑपरेशन के दौरान बीच-बीच में रुककर खुद को ठंडा करना पड़ रहा है। लंबे समय तक ऑपरेशन थिएटर में काम करने के दौरान अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण डॉक्टरों को पानी पीने, शरीर का तापमान सामान्य करने और आराम करने की जरूरत पड़ रही है।

कुछ मामलों में सर्जरी को बीच में रोकना या निर्धारित समय से आगे बढ़ाना भी पड़ा है, ताकि मरीज और मेडिकल स्टाफ दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की शारीरिक क्षमता और एकाग्रता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए यदि गर्मी के कारण स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति प्रभावित होती है, तो मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सर्जरी की गति या समय में बदलाव करना आवश्यक हो जाता है।

पुराने अस्पतालों का ढांचा बना चुनौती

UK Heatwave: ब्रिटेन में भीषण गर्मी का असर, NHS अस्पतालों में डॉक्टरों को आ रहे चक्कर

इंग्लैंड के रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स के अध्यक्ष टिम लेन के अनुसार, यह समस्या केवल कुछ अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के कई चिकित्सा संस्थानों में देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के कई अस्पताल दशकों पहले ऐसे समय में बनाए गए थे, जब इतनी अधिक गर्मी सामान्य नहीं थी। मौजूदा जलवायु परिस्थितियों में इन इमारतों का बुनियादी ढांचा बढ़ते तापमान से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में तापमान नियंत्रण की सीमित व्यवस्था के कारण ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के वार्ड दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

एयर कंडीशनिंग की सीमित उपलब्धता

NHS के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयर कंडीशनिंग (AC) का उपयोग मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में किया जाता है जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है, जैसे ऑपरेशन थिएटर और कुछ विशेष चिकित्सा इकाइयां। हालांकि, कई पुराने अस्पतालों में आधुनिक कूलिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं हैं। कुछ स्थानों पर अत्यधिक आर्द्रता के कारण ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर नमी की बूंदें तक जमा होने की रिपोर्ट सामने आई हैं।

इसके अलावा, कई मरीजों को सर्जरी से पहले ऐसे प्रतीक्षालयों में इंतजार करना पड़ रहा है जहां तापमान नियंत्रित करने के लिए केवल साधारण पंखों का उपयोग किया जा रहा है।

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप सहित दुनिया के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रही गर्मी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही है। अस्पतालों का बुनियादी ढांचा अब केवल चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बनता जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में अस्पतालों के निर्माण और आधुनिकीकरण के दौरान तापमान नियंत्रण, ऊर्जा दक्षता और जलवायु अनुकूल डिजाइन को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा।

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