वाराणसी। बुधवार शाम को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सामाजिक-संगठन लोक समिति और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं व युवाओं ने ‘‘घरेलू हिंसा बंद करो’’ जैसे नारे लगाते हुए एक विशाल कैंडल मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर ‘‘महिला हिंसा बंद करो, भीख नहीं — अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए’’ और ‘‘औरत भी ज़िंदा इंसान है, भोग की वस्तु नहीं’’ जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि अब और चुप्पी नहीं वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगी और अपने आप और अन्य महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना चाहती हैं।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने एकजुटता दिखाते हुए घरों, कानून-व्यवस्था और समाज में व्याप्त जेंडर-आधारित भेदभाव व हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार और समाज से अनुरोध किया कि महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वे भय-मुक्त जीवन जी सकें।
कैंडल मार्च के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि घरेलू हिंसा, दहेज-प्रथा, घरेलू उत्पीड़न व लैंगिक असमानता को सहना अब स्वीकार नहीं। प्रदर्शन आयोजकों ने कहा कि वे सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में काम करना चाहती हैं, जहाँ हर महिला को सम्मान और सुरक्षा मिले।
इस कार्यक्रम ने न सिर्फ वाराणसी में, बल्कि देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।









