कचौड़ी की खुशबू वाले इलाके में अब उड़ रही दुर्गंध वार्ड-97 का ऐतिहासिक पार्क बना कूड़ाघर फर्नीचर मार्केट में सुविधाओं का अभाव

वार्ड-97 में कभी कचौड़ी की खुशबू से महकने वाला इलाका अब गंदगी और दुर्गंध से जूझ रहा है। ऐतिहासिक पार्क कूड़ाघर बन गया है।
कचौड़ी की खुशबू वाले इलाके में अब उड़ रही दुर्गंध वार्ड-97 का ऐतिहासिक पार्क बना कूड़ाघर फर्नीचर मार्केट में सुविधाओं का अभाव
Photo Credit / Attribution: Google

शहर का वार्ड-97 कभी अपनी मशहूर कचौड़ियों की खुशबू और रौनक के लिए जाना जाता था। सुबह होते ही गलियों में उठती कचौड़ी की महक लोगों को अपनी ओर खींच लेती थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में गंदगी और दुर्गंध ने पुरानी पहचान को धूमिल कर दिया है।

वार्ड का ऐतिहासिक पार्क आज कूड़ाघर में तब्दील होता नजर आ रहा है। पार्क के अंदर और आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे न सिर्फ दुर्गंध फैल रही है बल्कि लोगों का वहां जाना भी कम हो गया है। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की जगह अब गंदगी से घिरी दिखाई देती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि नियमित कूड़ा उठान और पार्क के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि कूड़े के ढेर से मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इसी वार्ड में स्थित मशहूर फर्नीचर मार्केट भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में सफाई, पार्किंग और जल निकासी जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

एक दुकानदार ने कहा, "यह इलाका कभी अपनी पहचान और रौनक के लिए मशहूर था। अब गंदगी और अव्यवस्था के कारण लोग यहां आने से भी कतराने लगे हैं।" वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो इलाके की ऐतिहासिक और व्यावसायिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है।

लोगों ने नगर निगम से पार्क की सफाई, नियमित कूड़ा उठान, फर्नीचर मार्केट में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास केवल नई योजनाओं से नहीं, बल्कि पुराने और ऐतिहासिक इलाकों की देखभाल से भी होता है।

फिलहाल वार्ड-97 के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देगा। उनका कहना है कि जिस इलाके की पहचान कभी स्वाद और संस्कृति से थी, उसे गंदगी और दुर्गंध की पहचान बनने से बचाना जरूरी है।

 

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