ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इजरायल की जवाबी कार्रवाई को बेहद अफसोसनाक बताया। इजरायल ने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने और 11 सांसदों के प्रवेश पर रोक का फैसला किया है।
वेस्ट बैंक: ब्रिटेन और इजरायल के बीच वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को लेकर राजनयिक तनाव बढ़ गया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इजरायल की ओर से ब्रिटिश कदमों के जवाब में की गई कार्रवाई को ‘बेहद अफसोसनाक’ बताया है। ब्रिटेन ने मंगलवार को इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में स्थित बस्तियों से होने वाले सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके कुछ घंटों बाद इजरायल ने ब्रिटेन के खिलाफ कई जवाबी कदमों का ऐलान किया।
ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक बस्तियों से आयात पर लगाया प्रतिबंध
ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में घोषणा की कि ब्रिटेन वेस्ट बैंक में मौजूद इजरायली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर रोक लगाएगा। ब्रिटेन और कई अन्य देशों की नीति के अनुसार इन बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है।
मिलिबैंड ने अपने बयान में वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इजरायली बस्तियों में रहने वाले हिंसक समूहों को ‘सेटलर टेररिस्ट’ बताया और आरोप लगाया कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ ‘जातीय सफाए’ की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इजरायली सरकार पर ऐसी गतिविधियों के प्रति आंखें मूंदने का आरोप भी लगाया।
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि बस्तियों से जुड़े व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसकी मौजूदा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
इजरायल ने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का फैसला किया
ब्रिटेन की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने कई जवाबी कदमों की घोषणा कर दी। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन के खिलाफ चार ‘जवाबी उपायों’ का ऐलान किया।
इनमें पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करना भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक वाणिज्य दूतावास को अपनी गतिविधियां बंद करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
यह वाणिज्य दूतावास यरुशलम के साथ-साथ कब्जे वाले वेस्ट बैंक और गाजा में ब्रिटेन के प्रतिनिधित्व से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा दक्षिणी इजरायल में गाजा से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समन्वय केंद्र में काम कर रहे ब्रिटिश प्रतिनिधियों और रामल्लाह में फिलिस्तीनी पुलिस के साथ काम करने वाले प्रशिक्षकों को भी कथित तौर पर एक सप्ताह के भीतर वहां से जाने को कहा गया है।
इन कदमों को ब्रिटेन और इजरायल के बीच राजनयिक संबंधों में गंभीर वृद्धि के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
11 ब्रिटिश सांसदों के इजरायल प्रवेश पर रोक
इजरायल ने ब्रिटेन के 11 सांसदों के देश में प्रवेश पर भी रोक लगाने की घोषणा की है। प्रतिबंधित सांसदों में ज़ारा सुल्ताना, जेरेमी कॉर्बिन और डायने एबॉट के नाम शामिल हैं।
इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के नेताओं से बातचीत के बाद ब्रिटिश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कंजर्वेटिव नेता केमी बेडेनॉच और शैडो विदेश मंत्री टॉम तुगेंडहाट से फोन पर बातचीत की।
सार ने सोशल मीडिया पर कहा कि इजरायल को ब्रिटेन में कई मित्रों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन मौजूदा लेबर सरकार की नीतियों से उसे लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
मिलिबैंड ने इजरायल की प्रतिक्रिया पर जताया अफसोस
ब्रिटिश विदेश मंत्री मिलिबैंड ने इजरायल की जवाबी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘बेहद अफसोसनाक’ बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को अपने मूल्यों और अपनी समझ के आधार पर सही कदम उठाना होगा।
मिलिबैंड ने ब्रिटिश मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि उनकी सरकार अपने फैसले को लेकर स्पष्ट है। ब्रिटेन में कुछ राजनीतिक नेताओं ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है।
लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहैम ने कहा कि ब्रिटेन लंबे समय से कार्रवाई करने में हिचकिचाता रहा है और उसे इस बात की चिंता रही है कि इजरायल की आलोचना को इजरायल विरोधी रुख के रूप में देखा जा सकता है।
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फिलिस्तीनियों ने ब्रिटेन के फैसले का स्वागत किया
ब्रिटेन के प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कई फिलिस्तीनियों ने इस फैसले का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने इसे महत्वपूर्ण, जिम्मेदार और लंबे समय से लंबित कदम बताया।
कुछ फिलिस्तीनियों ने मिलिबैंड की कड़ी भाषा की भी सराहना की। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि फैसले की वास्तविक अहमियत उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
नाब्लुस के एक निवासी ने ब्रिटेन की नीति में बदलाव को लेकर कहा कि देर से उठाया गया कदम भी बेहतर है, बजाय इसके कि ऐसा कदम कभी उठाया ही न जाए।
वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों और नए आउटपोस्ट की संख्या तथा विस्तार को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया पर भी नजर
ब्रिटेन के फैसले का असर अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच संबंधों पर भी पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस मुद्दे पर तत्काल कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया।
हालांकि, इजरायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने ब्रिटिश प्रतिबंधों को लेकर प्रतिक्रिया दी और चेतावनी दी कि इसका ब्रिटिश कारोबार पर बड़ा आर्थिक असर पड़ सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से जब ब्रिटेन के प्रतिबंधों को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया।
इजरायल के खिलाफ ब्रिटेन के साथ कनाडा और फ्रांस ने भी वेस्ट बैंक की बस्तियों से होने वाले व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इजरायल ने अभी तक इन दोनों देशों के खिलाफ ब्रिटेन जैसी जवाबी कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते राजनयिक दबाव के बीच अहम घटनाक्रम
ब्रिटेन और इजरायल के बीच मौजूदा विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों और फिलिस्तीनियों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
ब्रिटेन का कहना है कि वेस्ट बैंक की बस्तियों से जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई आवश्यक है, जबकि इजरायल ने ब्रिटिश फैसले को शत्रुतापूर्ण कदम के रूप में देखा है।
दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि विवाद अब केवल व्यापारिक प्रतिबंधों तक सीमित नहीं है। ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने और सांसदों के प्रवेश पर रोक जैसे कदमों से मामला सीधे राजनयिक स्तर तक पहुंच गया है।
आने वाले दिनों में ब्रिटेन, इजरायल और उनके सहयोगी देशों की ओर से उठाए जाने वाले कदम इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल ब्रिटिश विदेश मंत्री मिलिबैंड ने इजरायल की प्रतिक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है, जबकि इजरायल ने ब्रिटेन के खिलाफ घोषित जवाबी उपायों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।










