पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उन्हें संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान केसी वेणुगोपाल से संभावित मुलाकात में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर चर्चा हो सकती है।
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को दिल्ली पहुंचे हैं। उन्हें संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनकी मुलाकात होने की संभावना है। बैठक में पंजाब कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात, वरिष्ठ नेताओं के मतभेद और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
चन्नी को संसद रत्न अवार्ड, वेणुगोपाल से मुलाकात संभव
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पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उन्हें संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनकी मुलाकात की संभावना है। बैठक होने पर पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हो सकती है।
पंजाब कांग्रेस में जारी है अंदरूनी खींचतान
चन्नी की वेणुगोपाल से संभावित मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब पंजाब कांग्रेस में संगठन को लेकर लगातार मतभेद सामने आ रहे हैं। एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से चुनाव समितियों के गठन के बाद चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने असहमति जताई थी। इसके बाद से चन्नी की हाईकमान के साथ सक्रिय स्तर पर मुलाकात नहीं हो सकी है।
राहुल गांधी से भी नहीं हो पाई मुलाकात
चन्नी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन संसद सत्र के दौरान भी उनकी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई। ऐसे में वेणुगोपाल के साथ संभावित बैठक को पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सचिन पायलट जल्द पहुंचेंगे पंजाब
कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब संगठन में समन्वय बढ़ाने की कवायद भी तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट अगले सप्ताह पंजाब दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान वह पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर संगठन की स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आपसी मतभेदों पर चर्चा कर सकते हैं।
2027 चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती
सचिन पायलट के सामने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद दूर कर सभी को एक मंच पर लाने की चुनौती होगी। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुए पंजाब कांग्रेस के रोष प्रदर्शन में भी अलग-अलग गुटों की सक्रियता दिखाई दी थी। अब हाईकमान की कोशिश नए प्रभारी की अगुवाई में नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने की है।










