विश्व कैंसर दिवस के मौके पर एक्सपर्ट्स ने शुरुआती लक्षणों की पहचान की अहमियत पर जोर दिया है। बिना वजह वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में दर्द, स्किन में बदलाव और पाचन संबंधी परेशानी जैसे संकेत अगर लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान इलाज को असरदार बना सकती है।
Cancer Early Symptoms Awareness: दुनियाभर में हर साल बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ मरीजों को शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जोर दे रहे हैं। गाजियाबाद के मैक्स हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर बताते हैं कि बिना वजह वजन कम होना, लगातार थकान, शरीर में दर्द, स्किन पर बदलाव या पाचन में लंबे समय तक परेशानी रहना शुरुआती संकेत हो सकते हैं। भारत में अधिकांश कैंसर केस एडवांस स्टेज में सामने आते हैं, इसलिए समय पर जांच और सही सलाह लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
बिना वजह वजन घटना और लगातार थकान
डॉ रोहित कपूर के मुताबिक, बिना किसी कारण वजन का तेजी से गिरना कैंसर का एक आम शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर आप डाइटिंग नहीं कर रहे, एक्सरसाइज का रूटीन नहीं बदला है और फिर भी वजन कम हो रहा है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह पेट, फेफड़े और अग्न्याशय के कैंसर में अक्सर देखा जाता है।
इसी तरह लगातार थकान महसूस होना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है। पर्याप्त नींद और सही खानपान के बावजूद अगर कमजोरी बनी रहती है और आराम के बाद भी ठीक नहीं होती, तो यह ब्लड कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकता है।

शरीर में दर्द और स्किन में बदलाव
अगर शरीर के किसी हिस्से में दर्द लंबे समय तक बना रहता है और दवा या आराम से ठीक नहीं हो रहा, तो यह भी जांच का विषय है। कई मामलों में यह कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे लोग सामान्य दर्द समझकर टाल देते हैं।
स्किन में बदलाव जैसे गांठ बनना, तिल के रंग या आकार में बदलाव, घाव का लंबे समय तक ठीक न होना भी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा मुंह में ऐसे छाले जो ठीक न हों, या त्वचा पर असामान्य बदलाव दिखें, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
पाचन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है संकेत
डॉ कपूर बताते हैं कि मल के रास्ते खून आना, बार-बार कब्ज रहना या लंबे समय तक पाचन संबंधी दिक्कत बने रहना भी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेत अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं या घरेलू इलाज तक सीमित रह जाते हैं।
डॉक्टर साफ कहते हैं कि हर लक्षण का मतलब कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर कोई परेशानी एक महीने से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच से इलाज आसान और असरदार हो सकता है।











