अलवर सरिस्का में एक साथ 6 बाघों का दीदार, बाघिन और शावक भी दिखे

राजस्थान के अलवर के सरिस्का बफर जोन में पर्यटकों को महज 100 मीटर के दायरे में छह बाघ नजर आए। टाइगर एसटी-18 और बाघिन एसटी-19 अपने चार शावकों के साथ दिखी।

अलवर के सरिस्का बफर जोन में पर्यटकों को महज 100 मीटर के दायरे में छह बाघ नजर आए। टाइगर एसटी-18 और बाघिन एसटी-19 अपने चार शावकों के साथ दिखी। पर्यटकों के लिए यह सफारी बेहद रोमांचक और यादगार साबित हुई।

अलवर: राजस्थान के अलवर स्थित Sariska Tiger Reserve में रविवार शाम एक ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला जिसने पर्यटकों को रोमांच और आश्चर्य से भर दिया। बफर जोन के जंगल में केवल 100 मीटर के दायरे में एक साथ छह बाघ दिखाई दिए, जिनमें एक बाघिन अपने चार शावकों के साथ थी और पास ही एक अन्य नर बाघ भी मौजूद था।

यह दुर्लभ नज़ारा टूरिस्ट्स के लिए किसी सपने जैसा अनुभव साबित हुआ, जहां जंगल सफारी के दौरान उन्हें लगातार कई बाघों को बेहद करीब से देखने का अवसर मिला।

बाघिन एसटी-19 और उसके चार शावकों की अठखेलियां

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले बाघिन एसटी-19 अपने चार शावकों के साथ जंगल में घूमती और खेलती हुई नजर आई। यह दृश्य बेहद आकर्षक और दुर्लभ था क्योंकि एक साथ शावकों के साथ बाघिन का व्यवहार प्राकृतिक जीवन का असली रूप दिखाता है।

पर्यटक इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और कैमरों में इसे कैद करने लगे। जंगल की शांति के बीच शावकों की चंचल हरकतें और बाघिन की सतर्कता ने पूरे माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।

बाघ एसटी-18 की अचानक एंट्री से बढ़ा रोमांच

इसी दौरान कुछ ही दूरी पर नर बाघ एसटी-18 भी झाड़ियों से बाहर निकलता दिखाई दिया। करीब 50 मीटर की दूरी पर अचानक इस विशाल बाघ को देखकर पर्यटकों की सांसें थम गईं।

इस अचानक हुई एंट्री ने सफारी के पूरे अनुभव को रोमांचक मोड़ दे दिया। पर्यटक वाहन में बैठे हुए बेहद करीब से इस दृश्य को देख रहे थे, जिससे उन्हें जंगली जीवन की वास्तविक झलक मिली।

टाइगर एक्सपर्ट की सूझबूझ ने बदला सफारी का अनुभव

इस सफारी के दौरान मौजूद टाइगर एक्सपर्ट चिन्मय मैकमेसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने सफारी के दौरान अचानक वाहन रोकने का इशारा किया और कहा कि “यहां रुकिए, मुझे बाघ की गंध आ रही है।”

उनकी यह बात शुरुआत में पर्यटकों और गाइड के लिए आश्चर्यजनक थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनका अनुमान सही साबित हुआ। जंगल की गहराई में छिपे बाघों की मौजूदगी को भांप लेना उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को दर्शाता है।

इसके बाद गाड़ी रुकते ही एक के बाद एक बाघ सामने आने लगे, जिसने पूरे सफारी अनुभव को अविस्मरणीय बना दिया।

अलवर सरिस्का में एक साथ 6 बाघों का दीदार, बाघिन और शावक भी दिखे

एक ही इलाके में 6 बाघों की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र

इस पूरे दृश्य में सबसे खास बात यह रही कि मात्र 100 मीटर के दायरे में कुल छह बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई। यह नज़ारा किसी भी वन्यजीव प्रेमी के लिए बेहद दुर्लभ माना जाता है।

एक ओर बाघिन एसटी-19 अपने शावकों के साथ थी, वहीं दूसरी ओर नर बाघ एसटी-18 की मौजूदगी ने इस इलाके को टाइगर गतिविधियों का केंद्र बना दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है, खासकर एक ही सफारी रूट पर।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया: “पैसा वसूल सफारी”

इस रोमांचक अनुभव के बाद पर्यटकों ने अपनी खुशी खुलकर व्यक्त की। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह सफारी सामान्य रहेगी, लेकिन जैसे-जैसे बाघों के दर्शन होते गए, उनका अनुभव पूरी तरह बदल गया।

पर्यटकों ने इसे “पैसा वसूल सफारी” बताया और कहा कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार वन्यजीव अनुभवों में से एक है। कई पर्यटकों ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले कभी इतने कम दूरी पर इतने बाघ एक साथ नहीं देखे थे।

सरिस्का टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता

Sariska Tiger Reserve हाल के वर्षों में बाघों की बढ़ती संख्या और बेहतर संरक्षण प्रयासों के कारण पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है। यहां नियमित रूप से टाइगर स्पॉटिंग की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस तरह एक साथ कई बाघों का दिखना बेहद खास माना जाता है।

सरिस्का प्रशासन द्वारा वन्यजीव संरक्षण और निगरानी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जंगल का पारिस्थितिक संतुलन बेहतर हो रहा है और बाघों की संख्या में सुधार देखा जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण की सफलता का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सरिस्का में बाघों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित हो रहा है। बाघों की बढ़ती गतिविधियां और उनका खुले में दिखाई देना यह दर्शाता है कि जंगल का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत हो रहा है।

बाघिन और शावकों का एक साथ दिखना विशेष रूप से संरक्षण की सफलता का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक प्रजनन और सुरक्षित वातावरण का संकेत देता है।

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