ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने नेतृत्व को लेकर बढ़ते दबाव के बीच इस्तीफा दे दिया। लेबर पार्टी जुलाई में नया नेता चुनेगी। Andy Burnham को प्रधानमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि उन्हें लगता है कि पार्टी अब अगले आम चुनाव के लिए नए नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश और पार्टी के हित में यही सही समय है कि कोई नया नेता जिम्मेदारी संभाले। हालांकि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
पार्टी के भीतर बढ़ता दबाव बना इस्तीफे की वजह
स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटती गई। स्थानीय चुनावों में कमजोर प्रदर्शन, आर्थिक चुनौतियां, जीवन स्तर में सुधार के अधूरे वादे और नीतिगत यू-टर्न को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ महीनों में कई सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे, जिससे उनके ऊपर इस्तीफे का दबाव बढ़ता गया।
जुलाई तक चुना जाएगा नया नेता
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी किंग चार्ल्स तृतीय को दे दी है। अब लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नए नेता के चुनाव का कार्यक्रम तय करेगी। पार्टी जुलाई की शुरुआत में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर सकती है और संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले नए नेता का चुनाव पूरा करने की कोशिश करेगी। चूंकि लेबर पार्टी संसद में बहुमत रखती है, इसलिए पार्टी का नया नेता ही देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा। इसके लिए आम चुनाव कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
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एंडी बर्नहैम सबसे आगे
स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में एंडी बर्नहैम का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है। हाल ही में उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे बर्नहैम को लेबर पार्टी के विभिन्न गुटों का समर्थन मिल रहा है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रह चुके बर्नहैम कोविड-19 महामारी के दौरान मैनचेस्टर क्षेत्र के हितों की मजबूती से वकालत करने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो आम लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं।
अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में
हालांकि बर्नहैम को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन नेतृत्व की दौड़ में अन्य नाम भी शामिल हो सकते हैं। लेबर पार्टी की उपनेता एंजेला रेनर, वरिष्ठ नेता यवेट कूपर और युवा नेता वेस स्ट्रीटिंग को भी संभावित उम्मीदवारों के रूप में देखा जा रहा है। यदि कई नेता मैदान में उतरते हैं तो नेतृत्व चुनाव काफी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
ब्रिटेन में क्यों बदलते रहते हैं प्रधानमंत्री?
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता नहीं करती, बल्कि संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। यदि सांसदों को लगता है कि मौजूदा नेता पार्टी को चुनावी नुकसान पहुंचा सकता है, तो वे नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में ब्रिटेन में कई प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके हैं।
सात साल में छठा प्रधानमंत्री
कीर स्टार्मर का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता का दौर अभी भी जारी है। उनसे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक भी अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले पद छोड़ चुके हैं। अब स्टार्मर के जाने के बाद ब्रिटेन सात वर्षों में अपना छठा प्रधानमंत्री चुनने की तैयारी कर रहा है।
आगे क्या?
लेबर पार्टी के लिए आने वाले सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होंगे। नया नेता न केवल सरकार की कमान संभालेगा, बल्कि पार्टी को एकजुट रखने और मतदाताओं का भरोसा फिर से मजबूत करने की चुनौती का भी सामना करेगा। फिलहाल एंडी बर्नहैम सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। आने वाले दिनों में ब्रिटेन की राजनीति की दिशा काफी हद तक इसी नेतृत्व चुनाव से तय होगी।










