अयोध्या में आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। इस वर्ष दीपोत्सव का आयोजन 7 नवंबर को प्रस्तावित है और अमित शाह को कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया है। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। इस दौरान अमित शाह नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के दर्शन भी कर सकते हैं। हालांकि, 28 अक्टूबर तक उनके आगमन का विस्तृत कार्यक्रम जिला प्रशासन को उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में उनके दौरे के समय और कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
दीपोत्सव अयोध्या के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। वर्ष 2017 से शुरू हुआ यह आयोजन हर साल बड़े स्तर पर किया जाता है। इस बार दसवें संस्करण को विशेष रूप से भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। राम की पैड़ी और सरयू नदी के घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन, रामायण आधारित झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सरयू आरती जैसे आयोजन प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर तैयारियां कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं और अधिकारियों को समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह का अयोध्या दौरा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनके पहली बार दर्शन करने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले वह दिसंबर 2021 में अयोध्या आए थे। उस समय उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया था और राम मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी ली थी। अब दीपोत्सव के अवसर पर उनके संभावित आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, रामलला के दर्शन का कार्यक्रम अभी संभावित है और इसकी पुष्टि आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद ही होगी।
दीपोत्सव के आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान रामायणकालीन प्रसंगों पर आधारित झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अयोध्या की धार्मिक परंपरा को प्रदर्शित करेंगी। प्रशासन का जोर आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख आयोजन स्थलों पर निगरानी, भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन की योजना बनाई जा रही है।
अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर स्थानीय प्रशासन, मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों, संतों और जनप्रतिनिधियों के बीच तैयारियों पर चर्चा जारी है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की आवाजाही सुचारु रखने की जिम्मेदारी भी होगी। अमित शाह के दौरे की अंतिम रूपरेखा सामने आने के बाद उनके कार्यक्रम और रामलला के दर्शन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।











