बच्चे की रोने की आवाज से खुला राज, घर में संदिग्ध हालत में मिली विवाहिता

बूंदी के कापरेन में 27 वर्षीय मनीषा गुर्जर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। पीहर ने दहेज प्रताड़ना और पति पर मारपीट के आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी।

बूंदी जिले के कापरेन क्षेत्र स्थित झरण्या की झोपड़ियां गांव में 27 वर्षीय विवाहिता मनीषा गुर्जर ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। परिजनों के अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पीहर पक्ष को सूचना देकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बूंदी, कापरेन: झरण्या की झोपड़ियां गांव में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब 27 वर्षीय विवाहिता मनीषा गुर्जर पत्नी लोकेश गुर्जर ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही ससुराल पक्ष मनीषा को तुरंत कापरेन अस्पताल लेकर गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कापरेन थाना प्रभारी सुरजीत मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच शुरू की। 

पुलिस ने पीहर पक्ष को सूचना देकर बुलाया, जिसके बाद मृतका के पिता रघुवीर गुर्जर निवासी कोडक्या की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस घटना के कारणों की जांच में जुटी है और कहा है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

बच्चे के रोने पर खोला दरवाजा

कापरेन थाना क्षेत्र के झरण्या की झोपड़ियां गांव में 27 वर्षीय मनीषा गुर्जर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली। सुबह डेढ़ साल के बेटे प्रियांशू के लगातार रोने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो मनीषा मृत मिली। थानाधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि महिला की शादी पांच वर्ष पहले लोकेश गुर्जर से हुई थी। पीहर पक्ष ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मेडिकल बोर्ड के अनुसार गले पर फंदे के निशान मिले हैं, बाहरी चोट नहीं पाई गई।

दहेज विवाद और तनाव

मृतका के पिता ने रिपोर्ट में बताया कि मनीषा की शादी पांच साल पहले लोकेश गुर्जर से हुई थी। उनका कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और दहेज को लेकर लगातार दबाव बढ़ने लगा। परिजनों के अनुसार, मनीषा को आए दिन ताने सुनने पड़ते थे और छोटा-मोटा विवाद भी बड़ी बात बना दिया जाता था।

परिवार का आरोप है कि दहेज नहीं देने पर मनीषा को ससुराल वालों की ओर से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। पिता ने बताया कि सास-ससुर, पति, देवर और देवरानी सहित परिवार के कई सदस्य दहेज की मांग को लेकर उसे धमकाते थे। पिता के अनुसार, यह प्रताड़ना लंबे समय तक चलती रही लेकिन मनीषा ने परिवार की इज्जत के लिए सब सहा।

पति पर मारपीट के गंभीर आरोप

मनीषा के पीहर पक्ष ने दावा किया कि उसका पति लोकेश अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती थी कि मनीषा फोन पर रोते हुए अपने मायके वालों को अपनी पीड़ा बताती थी। परिजनों के अनुसार, ससुराल घर में तनाव हमेशा बना रहता था, और किसी भी सामान्य बात पर भी विवाद बढ़ जाता था।

शिकायत में कहा गया है कि लगातार हिंसा और दहेज की मांग से परेशान होकर मनीषा मानसिक रूप से टूटने लगी थी। परिजन आरोप लगाते हैं कि घटना वाले दिन भी उसे प्रताड़ित किया गया और बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया, जहां बाद में उसकी मौत की सूचना मिली। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हरकत है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

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