बूंदी शहर के चितौड़ रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा एटीएम में गुरुवार तड़के दो संदिग्ध युवकों ने मशीन तोड़कर कैश निकालने की कोशिश की, लेकिन अलार्म बजने और लोगों की आवाजाही शुरू होने से उनकी योजना विफल हो गई। एटीएम क्षतिग्रस्त हुआ, पर सवा पाँच लाख रुपए सुरक्षित बच गए।
बूंदी : चितौड़ रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को गुरुवार तड़के दो नकाबपोश युवकों ने अंदर से शटर बंद कर तोड़ने का प्रयास किया। सुबह लगभग 4 बजे दोनों संदिग्ध मशीन से कैश निकालने की कोशिश में जुटे थे कि तभी सड़क पर वाहनों की आवाजाही और बैंक में ऑनलाइन मोड सक्रिय होते ही अलार्म बज उठा। इस घटना की सूचना बैंक कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद गश्ती टीम मौके पर पहुँची।
पुलिस को एटीएम का गेट खुला और मशीन का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला, हालांकि चोर रुपए निकालने में नाकाम रहे। बैंक अधिकारियों के पहुंचने पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें दो संदिग्ध युवक एटीएम से छेड़छाड़ करते नजर आए। पुलिस ने एमओबी टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और बैंक मैनेजर की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
वारदात से पहले की रैकी
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एटीएम तोड़ने की कोशिश करने वाले दो संदिग्ध युवकों ने वारदात से पहले इलाके की बारीकी से रैकी की। लंकागेट पर हलचल अधिक मिलने पर वे चितौड़ रोड पहुंचे, जहाँ सुनसान पड़े बैंक ऑफ बड़ौदा एटीएम में घुसकर मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों बिना नंबर की बाइक से हाइवे की ओर भाग निकले। रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी में पेट्रोल भी भरवाया, जिसके बाद वे आगे निकल गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर चुकी है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
एटीएम तोड़ने के असफल प्रयास के बाद अब एटीएम सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। मशीन में करीब 5 लाख 30 हजार 700 रुपए मौजूद थे, जिन्हें बैंक कर्मचारियों ने इस महीने की शुरुआत में भरा था। गार्ड की अनुपस्थिति और सुनसान इलाक़ा इस वारदात को आसान बना सकते थे। गनीमत रही कि मशीन पूरी तरह नहीं टूटी, अन्यथा बड़ी राशि पर हाथ साफ़ हो सकता था।
बैंक अधिकारियों ने सुरक्षा चूक से पल्ला झाड़ते हुए दावा किया कि एटीएम 24 घंटे “ऑनलाइन सर्विसलाइन” से जुड़ा रहता है, जिससे हलचल या छेड़छाड़ का पता चलने पर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट जारी हो जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी अलर्ट के बावजूद भौतिक सुरक्षा जैसे गार्ड, सीमित एंट्री और निगरानी व्यवस्था अनिवार्य है। इस घटना ने एटीएम सुरक्षा की मौजूदा प्रणाली को लेकर फिर बहस शुरू कर दी है।









