डायबिटीज के नुकसान: आंख-किडनी के अलावा शरीर के इस अंग पर भी असर

स्टडी में 26% टाइप-2 डायबिटीज मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस पाया गया। समय पर लिवर जांच, शुगर मॉनिटरिंग और संतुलित जीवनशैली जरूरी।

नवीनतम रिसर्च में खुलासा हुआ है कि डायबिटीज सिर्फ आंख और किडनी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह लिवर को भी नुकसान पहुंचा रही है। देशभर के 9,000 से अधिक टाइप-2 डायबिटीज मरीजों पर हुए अध्ययन में लगभग 26% मरीजों में क्लिनिकली सिग्निफिकेंट लिवर फाइब्रोसिस पाया गया। अधिकांश मामलों में लक्षण नजर नहीं आए, जिससे समय पर जांच और देखभाल की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

Liver Health and Diabetes: हालिया स्टडी में पता चला है कि डायबिटीज सिर्फ आंख और किडनी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह लिवर को भी नुकसान पहुंचा रही है। देशभर के 9,000 से अधिक टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के अध्ययन में 26% में क्लिनिकली सिग्निफिकेंट लिवर फाइब्रोसिस पाया गया। स्टडी में शामिल अधिकांश मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर लिवर स्क्रीनिंग, नियमित शुगर मॉनिटरिंग और संतुलित जीवनशैली से गंभीर लिवर डैमेज को रोका जा सकता है।

लिवर फाइब्रोसिस क्या है और कैसे पता चले

लिवर फाइब्रोसिस तब होता है जब लिवर में सूजन या फैट की वजह से छोटे-छोटे निशान बन जाते हैं, जिन्हें स्कार कहा जाता है। ये निशान बढ़ने पर लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मेडिकल भाषा में इसे क्लिनिकली सिग्निफिकेंट लिवर फाइब्रोसिस कहा जाता है। स्टडी से यह भी पता चला कि मोटापे से मुक्त मरीजों में भी लिवर फाइब्रोसिस पाया गया, यानी केवल मोटापा ही इसका जोखिम नहीं है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए सावधानियां

डायबिटीज मरीजों को रोजाना शुगर लेवल चेक करना चाहिए और अगर शुगर ज्यादा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। पेट में दर्द या किसी असामान्य लक्षण पर ध्यान दें। नियमित एक्सरसाइज और संतुलित आहार लिवर और स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। समय पर स्क्रीनिंग और सही देखभाल से लिवर डैमेज को रोका जा सकता है।

यह स्टडी स्पष्ट करती है कि डायबिटीज का असर केवल आंख और किडनी तक सीमित नहीं है, बल्कि लिवर पर भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मरीजों को समय पर लिवर चेकअप, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनशैली में सुधार करना चाहिए।

Leave a comment