मध्य भारत के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश से कई नदियां उफान पर हैं और बड़ी संख्या में इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
Weather Update: भारत के कई हिस्सों में इस समय मौसम का मिजाज बेहद खराब बना हुआ है। मध्य भारत में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि भूस्खलन और जलभराव के कारण सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 12 से अधिक राज्यों में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ने से प्रशासन और राहत एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तराखंड में 150 से ज्यादा सड़कें प्रभावित
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और राज्य में 150 से अधिक सड़कों पर यातायात बाधित होने की जानकारी सामने आई है। आदि कैलाश और चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क पिछले दो दिनों से बंद है। सड़क बंद होने के कारण व्यास घाटी का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसी तरह दारमा और चौदास घाटियों को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी कई घंटे यातायात बाधित रहा।
चारधाम यात्रा मार्ग पर भी बारिश और मलबा गिरने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई संपर्क मार्गों के बंद होने से कुछ गांवों का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
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जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कठुआ जिले में तेज बारिश के बाद सहार खड्ड में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। इसके चलते आसपास के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क प्रभावित हुआ। कठुआ में 101.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को नदी-नालों तथा संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
अनंतनाग जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में एक इनोवा वाहन आ गया। हादसे में ओडिशा के एक पर्यटक की मौत हो गई। पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं।
हरियाणा के कई जिलों में बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के भी कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास नाहन की पैराट्रूप यूनिट के दो कमांडो के लापता होने की घटना ने भी चिंता बढ़ाई है। तलाश अभियान के दौरान एक कमांडो का शव बरामद किया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। खोज अभियान में हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।
मौसम तंत्रों की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता कई क्षेत्रों में बढ़ सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और अचानक बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो सकती है।










