झारखंड शिक्षक नियुक्ति जांच समिति को हाई कोर्ट से तीन माह का समय, जस्टिस चौधरी का कार्यकाल भी बढ़ा

झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति जांच समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया। जस्टिस गौतम कुमार चौधरी का कार्यकाल भी बढ़ाया गया।

झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति मामले की जांच कर रही वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया है। कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है।

रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति मामले की जांच कर रही वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को बड़ी राहत देते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। अदालत ने कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी का कार्यकाल भी इसी अवधि तक बढ़ाने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट सौंपने के लिए कमेटी को मिला तीन माह का अतिरिक्त समय

झारखंड हाई कोर्ट में प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने कमेटी को अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद अब कमेटी निर्धारित नई समयसीमा के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

इसके साथ ही कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी का कार्यकाल भी तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है, ताकि जांच प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी की जा सके।

समय सीमा समाप्त होने के बाद मांगा गया था विस्तार

सुनवाई के दौरान कमेटी की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए पहले निर्धारित समय सीमा 2 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है। हालांकि, मामले की सुनवाई और तथ्यों की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में कमेटी ने हाई कोर्ट से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता चंचल जैन ने भी अदालत को बताया कि जांच की प्रक्रिया जारी है और सभी तथ्यों का परीक्षण पूरा होने में अभी समय लगेगा। इसे देखते हुए अदालत से अवधि बढ़ाने का आग्रह किया गया।

257 याचिकाओं से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला मीना कुमारी एवं अन्य की ओर से दायर 257 याचिकाओं से संबंधित है। इन याचिकाओं में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया और राज्य स्तरीय मेरिट सूची से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं। इन्हीं तथ्यों की निष्पक्ष जांच के लिए हाई कोर्ट ने वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था।

कमेटी को राज्य स्तरीय मेरिट सूची और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब अतिरिक्त समय मिलने के बाद कमेटी सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच पूरी करेगी।

अदालत की निगरानी में जारी रहेगी जांच

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कमेटी को दिए गए अतिरिक्त तीन माह के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी होगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

शिक्षक नियुक्ति मामले को राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में माना जा रहा है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुड़े हुए हैं। ऐसे में अदालत की निगरानी में चल रही यह जांच भविष्य में मामले की सुनवाई और अंतिम निर्णय के लिए अहम आधार मानी जा रही है।

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