KTR की कांग्रेस सरकार को 10 दिन की डेडलाइन, नागार्जुन सागर के पानी पर पदयात्रा की चेतावनी

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने के लिए तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को 14 सितंबर तक की समयसीमा दी गई है,

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने के लिए तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को 14 सितंबर तक की समयसीमा दी। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो हजारों किसानों के साथ कोडाड से हल्या तक पदयात्रा करेंगे।

हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने के मुद्दे पर 14 सितंबर तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर पानी छोड़ने का कार्यक्रम घोषित नहीं किया, तो वह हजारों किसानों के साथ कोडाड से हल्या तक पदयात्रा निकालेंगे। KTR ने गुरुवार को मिर्यालगुडा में किसानों के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने नागार्जुन सागर जलाशय में उपलब्ध पानी और कृष्णा नदी बेसिन में जल प्रवाह का हवाला देते हुए राज्य सरकार से लेफ्ट कैनाल के जरिए किसानों को पानी उपलब्ध कराने की मांग की।

14 सितंबर तक पानी छोड़ने का कार्यक्रम घोषित करने की मांग

केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार से नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल के लिए पानी छोड़ने का स्पष्ट कार्यक्रम घोषित करने को कहा। उन्होंने इसके लिए 14 सितंबर की समयसीमा तय की है।

KTR ने कहा कि अगर सरकार ने इस अवधि में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, तो BRS किसानों के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि वह हजारों किसानों के साथ कोडाड से हल्या तक पदयात्रा करेंगे।

उन्होंने इस प्रस्तावित पदयात्रा को अपने पिता और BRS अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव द्वारा 2003 में की गई कोडाड-हल्या पदयात्रा से जोड़ा। यह पदयात्रा तेलंगाना आंदोलन के दौरान किसानों की मांगों को उठाने के लिए की गई थी।

नागार्जुन सागर में करीब 180 TMCft पानी होने का दावा

किसानों के प्रदर्शन में KTR ने दावा किया कि नागार्जुन सागर जलाशय में करीब 180 TMCft पानी मौजूद है। उनके अनुसार, इसके बावजूद राज्य सरकार लेफ्ट कैनाल के जरिए किसानों के लिए पानी जारी नहीं कर रही है।

उन्होंने जल उपलब्धता को लेकर सरकार के रुख पर सवाल उठाया। KTR ने कृष्णा बेसिन की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीशैलम में जलस्तर करीब 537 फीट है और हाइडल पावर उत्पादन के जरिए पानी नागार्जुन सागर तक पहुंच रहा है।

उनका तर्क था कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा सकता है और इससे दो फसलों की सिंचाई संभव हो सकती है।

आंध्र प्रदेश को पानी देने का लगाया आरोप

KTR ने तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार पर आरोप लगाया कि वह आंध्र प्रदेश की ओर पानी छोड़ रही है, जबकि तेलंगाना के लेफ्ट कैनाल क्षेत्र के किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।

उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सवाल किया और पूछा कि क्या आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रति किसी राजनीतिक प्रतिबद्धता या कर्ज को चुकाने के लिए तेलंगाना के किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है।

यह आरोप KTR के राजनीतिक बयान का हिस्सा है। उन्होंने सरकार की जल नीति और किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

चुनावी वादों को लेकर कांग्रेस पर हमला

KTR ने कांग्रेस सरकार के उन चुनावी वादों का भी मुद्दा उठाया, जिन्हें उनके अनुसार अभी तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने 2 लाख रुपये की कर्जमाफी और रythu Bharosa के तहत प्रति एकड़ 15,000 रुपये के भुगतान का उल्लेख किया।

इसके अलावा उन्होंने भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना सहायता और धान तथा कपास पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के वादे का भी जिक्र किया।

KTR के मुताबिक, ये प्रतिबद्धताएं अभी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर सरकार को अपने वादों के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।

Rythu Bandhu और यूरिया आपूर्ति का मुद्दा उठाया

BRS नेता ने Rythu Bandhu भुगतान को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि Rythu Bandhu के भुगतान तीन सीजन से रोक दिए गए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। KTR ने कहा कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने सिंचाई और कृषि से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित मंत्रियों की भूमिका पर भी निशाना साधा।

उत्तम कुमार रेड्डी और कोमटिरेड्डी पर भी निशाना

KTR ने सिंचाई के मुद्दे को लेकर तेलंगाना के मंत्रियों उत्तम कुमार रेड्डी और कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों पर इस मुद्दे पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

उनका कहना था कि नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने का मुद्दा किसानों के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

7 सितंबर से विधानसभा सत्र में उठेगा मामला

KTR ने कहा कि BRS इस मुद्दे को 7 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी विधानसभा के भीतर भी किसानों की पानी की मांग को प्रमुखता से उठाएगी।

उनके मुताबिक, सरकार को विधानसभा सत्र के दौरान नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल के लिए पानी जारी करने को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि विनायक चतुर्थी तक पानी छोड़ने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं आती है, तो प्रस्तावित पदयात्रा आगे बढ़ाई जाएगी।

विनायक चतुर्थी तक फैसला नहीं तो आंदोलन

KTR ने अपनी समयसीमा को विनायक चतुर्थी से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि त्योहार तक सरकार की ओर से पानी छोड़ने को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं आता है, तो वह किसानों के साथ पदयात्रा करेंगे।

प्रस्तावित मार्च को 2003 में के. चंद्रशेखर राव द्वारा की गई कोडाड-हल्या पदयात्रा से जोड़ते हुए KTR ने इसे किसानों की मांगों के लिए आंदोलन का अगला चरण बताया।

इस तरह नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल से पानी छोड़ने का मुद्दा तेलंगाना में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का एक और केंद्र बन गया है।

फिलहाल KTR ने सरकार को 14 सितंबर तक पानी छोड़ने का कार्यक्रम घोषित करने की समयसीमा दी है। BRS विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है और समयसीमा के भीतर स्पष्टता नहीं मिलने पर हजारों किसानों के साथ पदयात्रा की चेतावनी दी गई है।

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