महाराष्ट्र में जल्द ही नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक मुलाकात की।
मुंबई: महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में एक बार फिर सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीधा मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हाल ही में हुई एक बंद कमरे की अहम बैठक ने राजनीतिक समीकरणों को और स्पष्ट कर दिया है।
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) आगामी निकाय चुनाव साझा रणनीति के तहत एक साथ लड़ेंगे। इस निर्णय को सत्ताधारी गठबंधन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
महायुति ने दोहराई एकजुटता
इस अहम बैठक में महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और शिवसेना के वरिष्ठ नेता रवींद्र छावन भी मौजूद थे। शिवसेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर बताया गया कि मुंबई, ठाणे समेत सभी प्रमुख नगर निगम चुनावों को लेकर दोनों दलों के बीच सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह भी तय किया गया है कि चुनाव के दौरान बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच पूर्ण समन्वय रहेगा ताकि वोटों का बंटवारा रोका जा सके और गठबंधन को अधिकतम सीटों का लाभ मिल सके।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक-दूसरे की पार्टी में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अंदरूनी टूट-फूट से बचा जा सके। सूत्रों के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में जिला और स्थानीय स्तर पर सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू की जाएगी। इसमें प्रत्याशी चयन, चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
महायुति बनाम MVA: फिर आमने-सामने
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महायुति के इस फैसले के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एक बार फिर महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला केवल स्थानीय सत्ता का ही नहीं, बल्कि 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक ताकत दिखाने की लड़ाई भी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों जैसे मुंबई, ठाणे, पुणे, नागपुर और नासिक में ये चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। दोनों गठबंधनों में.
सत्ताधारी महायुति में इस समय
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
- शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट)
विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) में
- कांग्रेस
- शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट)
- और कुछ अन्य सहयोगी दल
मौजूद हैं। MVA महंगाई, बेरोजगारी और शहरी विकास को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रही है। विशेष रूप से मुंबई और ठाणे महानगरपालिका चुनाव इस बार बेहद अहम माने जा रहे हैं। ये दोनों नगर निकाय न केवल आर्थिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी पूरे राज्य की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।









