देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। दिन के समय तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं, जबकि शाम के समय नमी बढ़ने से उमसभरी गर्मी का एहसास हो रहा है। इसी बीच, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति से राहत की उम्मीद बढ़ गई है।
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने भारत में अपनी रफ्तार तेज कर दी है और आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है कि मॉनसून अगले चार से पांच दिनों में कई नए राज्यों और क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
भारत के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ सप्ताह से तेज धूप, लू और उमसभरी गर्मी का असर देखने को मिल रहा था। हालांकि, मॉनसून की प्रगति ने अब मौसम में बदलाव के संकेत देने शुरू कर दिए हैं।
किन राज्यों की ओर बढ़ रहा है मॉनसून?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्तमान में यह अरब सागर से होते हुए महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी भारत के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान मॉनसून महाराष्ट्र के अधिक क्षेत्रों, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में आगे बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मॉनसून की प्रगति सामान्य गति से बेहतर बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में अच्छी वर्षा की संभावना बढ़ गई है।
बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत
मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ इन राज्यों में वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लंबे समय से गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ कृषि गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। विशेष रूप से खरीफ फसलों की बुआई के लिए मॉनसून का समय पर पहुंचना किसानों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मौसम विभाग लगातार मॉनसून की गतिविधियों की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर नए पूर्वानुमान जारी कर रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम ने करवट ली है। सोमवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और शाम तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में कमी आने और मौसम सुहावना बने रहने की संभावना जताई गई है।
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राजस्थान में भी सक्रिय हुआ बारिश का दौर
राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। पूर्वी राजस्थान के विभिन्न इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र में सबसे अधिक 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में भी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसूनी गतिविधियों के प्रभाव से अगले चार से पांच दिनों तक बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। विशेष बात यह रही कि हाल के दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में लू की स्थिति नहीं बनी, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है।
राजस्थान में फलौदी रहा सबसे गर्म
बारिश के बावजूद राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना हुआ है। फलौदी राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जैसलमेर में 41.2 डिग्री, बाड़मेर में 41.1 डिग्री और चूरू में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट आ सकती है।
आने वाले दिनों में कैसी रहेगी स्थिति?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति फिलहाल अनुकूल बनी हुई है। यदि वर्तमान परिस्थितियां जारी रहती हैं, तो अगले कुछ दिनों में देश के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में व्यापक बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं जल संसाधनों, कृषि और पर्यावरण के लिए भी यह महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।









