मुरादाबाद में सड़क हादसों को कम करने के लिए छह प्रमुख हाईवे और राज्य मार्गों पर नई गति सीमा लागू की गई है। भारी वाहनों के लिए अधिकतम गति 40 किमी/घंटा और आबादी वाले क्षेत्रों में 30 किमी/घंटा निर्धारित की गई है।
Moradabad: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मुरादाबाद प्रशासन ने जिले के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर नई स्पीड लिमिट लागू कर दी है। नए नियमों के तहत ट्रक, डंपर और रोडवेज बस जैसे भारी वाहन अब निर्धारित मार्गों पर 40 किमी प्रति घंटा से अधिक गति से नहीं चल सकेंगे। वहीं आबादी वाले क्षेत्रों में यह सीमा और कम कर दी गई है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए लिया गया बड़ा फैसला
मुरादाबाद जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए जिला सड़क सुरक्षा समिति ने वाहनों की गति सीमा में बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के अनुसार ट्रक, डंपर, रोडवेज बस और अन्य भारी वाहन अब निर्धारित मार्गों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से नहीं चल सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि तेज रफ्तार भारी वाहन अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, इसलिए उनकी गति नियंत्रित करना जरूरी हो गया था।
यह निर्णय मोटर वाहन अधिनियम 1988 और उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली 1998 के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है। परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
कई प्रमुख मार्गों पर लागू होगी नई व्यवस्था
नई स्पीड लिमिट मुरादाबाद के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर लागू की गई है। इनमें दलपतपुर-अलीगंज मार्ग, स्टेट हाईवे-149, मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग, अलीगढ़-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग, मुरादाबाद-गवां-बुलंदशहर मार्ग, मुरादाबाद-टांडा-दढ़ियाल मार्ग तथा वहसुमा-चांदपुर-ठाकुरद्वारा-जसपुर मार्ग शामिल हैं।
इन सभी मार्गों पर दोपहिया वाहन, कार और छोटे यात्री वाहनों की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वहीं भारी वाहनों के लिए अलग से सख्त नियम बनाए गए हैं ताकि दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।
आबादी वाले क्षेत्रों में और सख्त होगी निगरानी
नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आबादी वाले क्षेत्रों से जुड़ा है। गांवों, बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरते समय ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों को 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक जान-माल का नुकसान ऐसे ही क्षेत्रों में होता है, जहां पैदल चलने वाले लोगों, दुकानदारों और दोपहिया वाहन चालकों की संख्या अधिक रहती है। इसलिए इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
पहले जागरूकता, फिर होगी कार्रवाई
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग शुरुआत में वाहन चालकों को नई व्यवस्था के बारे में जागरूक करेंगे। प्रमुख मार्गों पर सूचना बोर्ड और स्पीड लिमिट संकेतक लगाए जाएंगे ताकि चालक आसानी से नई गति सीमा को समझ सकें।
इसके बाद ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक गति में वाहन चलाते पाए जाने पर चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुछ आवश्यक सेवाओं को मिलेगी छूट
नई स्पीड लिमिट एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बलों और आपदा प्रबंधन से जुड़े वाहनों पर लागू नहीं होगी। आपातकालीन परिस्थितियों में इन वाहनों को निर्धारित गति सीमा से छूट दी गई है ताकि वे समय पर अपनी सेवाएं दे सकें।
यातायात अधिकारियों का मानना है कि यदि वाहन चालक नई गति सीमा का पालन करते हैं तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम न केवल लोगों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग संस्कृति को भी बढ़ावा देगा।










