प्रोटीन सप्लीमेंट का अधिक सेवन: लिवर पर क्या असर पड़ता है?

जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से लिवर और किडनी पर दबाव पड़ सकता है। गैस, कब्ज और थकान जैसे लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

आजकल फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग ट्रेंड के चलते प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन बढ़ा है, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से लिवर और किडनी पर दबाव पड़ सकता है। डॉ. अनामिका गौर के अनुसार, संतुलित मात्रा में सेवन सुरक्षित है, जबकि हाई डोज और बिना एक्सपर्ट सलाह के सेवन से पाचन और मेटाबॉलिक समस्याएं हो सकती हैं।

प्रोटीन सप्लीमेंट और लिवर हेल्थ: फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के शौकीनों में प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल की पूर्व डायटिशियन डॉ. अनामिका गौर के अनुसार, सामान्य मात्रा में प्रोटीन सुरक्षित है, लेकिन लंबे समय तक हाई डोज लेने से लिवर और किडनी पर दबाव पड़ सकता है। शरीर में गैस, कब्ज, थकान और बार-बार प्यास लगना जैसे लक्षण इस बात का संकेत दे सकते हैं। इसलिए हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए।

ज्यादा प्रोटीन लेने के लक्षण

जरूरत से अधिक प्रोटीन सप्लीमेंट लेने पर शरीर चेतावनी के तौर पर कुछ लक्षण दिखाता है। इनमें पेट की समस्या जैसे गैस, कब्ज, अपच या डायरिया शामिल हैं। इसके साथ बार-बार प्यास लगना, थकान, सिरदर्द और कभी-कभी वजन बढ़ना या शरीर में असंतुलन भी देखने को मिल सकता है।

लंबे समय तक हाई प्रोटीन लेने से किडनी पर दबाव बढ़ता है, जिससे पेशाब संबंधी दिक्कतें भी आ सकती हैं। यदि ऐसे लक्षण लगातार दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।

प्रोटीन सप्लीमेंट की सही मात्रा

हर व्यक्ति के लिए प्रोटीन की जरूरत अलग होती है और यह वजन, उम्र और शारीरिक एक्टिविटी पर निर्भर करती है। सामान्य रूप से एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 0.8 से 1 ग्राम प्रति किलो वजन पर्याप्त माना जाता है।

जो लोग नियमित वर्कआउट करते हैं या भारी शारीरिक मेहनत करते हैं, उन्हें थोड़ी ज्यादा मात्रा की जरूरत हो सकती है। सप्लीमेंट लेने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी डाइट से कितना प्रोटीन मिल रहा है। हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही सप्लीमेंट का सेवन करें।

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