राहुल गांधी के नासिक दौरे पर भाजपा का प्रदर्शन, महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब

राहुल गांधी के नासिक दौरे पर भाजपा ने महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने आरोपों को खारिज कर भाजपा पर पलटवार किया।

राहुल गांधी के नासिक दौरे के दौरान भाजपा नेताओं ने महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन किया। भाजपा ने कांग्रेस से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जवाब मांगा। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने आरोपों को खारिज करते हुए 2023 के विधेयक के समर्थन का हवाला दिया।

नासिक: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नासिक दौरे को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कथित तौर पर विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।

नासिक की भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने राहुल गांधी से सवाल किया कि कांग्रेस महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने का विरोध क्यों करती है। वहीं, नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर-अडाके सहित भाजपा की कई महिला नेताओं और समर्थकों ने प्रदर्शन मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कई महिला कार्यकर्ता काली साड़ी पहने नजर आईं और उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए।

राहुल गांधी बुधवार को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ नामक युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत नासिक पहुंचे थे। यह कार्यक्रम पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा बताया गया है। भाजपा के विरोध के बीच महिला आरक्षण और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति को लेकर महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज हो गई।

भाजपा ने महिला आरक्षण पर राहुल गांधी से मांगा जवाब

नासिक भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का समर्थन करती है या नहीं।

फरांदे ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने से उनके अधिकारों और सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिलाओं के आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में आने का अवसर मिला है।

भाजपा नेता ने यह भी तर्क दिया कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना देश के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने से लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हो सकती हैं।

नासिक मेयर ने ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून का मुद्दा उठाया

प्रदर्शन में शामिल नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर-अडाके ने भारत के इतिहास में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी से पूछा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस ने क्या कदम उठाए हैं।

भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार के महिला आरक्षण कानून को भी मुद्दा बनाया। पार्टी नेताओं का कहना था कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और इस विषय पर कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के नासिक दौरे का विरोध करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शन के कारण शहर में सीबीएस और अशोक स्तंभ के बीच कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।

महिला आरक्षण कानून को लेकर राजनीतिक विवाद

महिला आरक्षण का मुद्दा भारतीय राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। संसद ने महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला कानून पारित किया था। इसके तहत महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था परिसीमन और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के बाद लागू की जानी है।

भाजपा ने इसी मुद्दे को राहुल गांधी के नासिक दौरे के दौरान उठाते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया। हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने महिला आरक्षण से जुड़े विधायी प्रयासों का समर्थन किया है।

पृथ्वीराज चव्हाण ने भाजपा के आरोप को बताया झूठ

भाजपा के आरोपों पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक का समर्थन किया था।

चव्हाण ने कहा कि वर्ष 2023 में जब भाजपा सरकार महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई थी, तब कांग्रेस ने उसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए कोई नया विधेयक लाया जाता है तो कांग्रेस उसका भी समर्थन करेगी।

राहुल गांधी के नासिक दौरे पर भाजपा का प्रदर्शन, महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब

उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी को लेकर सवाल उठाया। चव्हाण ने कहा कि भाजपा को महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान देना चाहिए।

चव्हाण नासिक में महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) के एक रिसॉर्ट में मीडिया से बातचीत कर रहे थे, जहां कांग्रेस का शिविर आयोजित किया गया था।

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी सियासत

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी हुई। चव्हाण ने दावा किया कि राहुल गांधी की युवा पहुंच पहल से भाजपा में राजनीतिक बेचैनी पैदा हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को मीडिया में कम जगह मिले, इसके लिए भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की ओर से उसी समय कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी बैठक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नागपुर में युवाओं से जुड़े कार्यक्रम का हवाला दिया।

चव्हाण ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस के युवा कार्यक्रम से भाजपा को कोई चिंता नहीं है तो उसी समय इतने कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ी।

हालांकि, इन आरोपों को कांग्रेस नेता के राजनीतिक दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर इस रिपोर्ट में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

फडणवीस ने कार्यक्रम को बताया था ‘कांग्रेस जिताओ कार्यक्रम’

राहुल गांधी के युवा संपर्क कार्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पहले टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने इसे ‘कांग्रेस जिताओ कार्यक्रम’ के रूप में संबोधित किया था।

इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर अनावश्यक राजनीतिक प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है और विपक्षी दल को इसका राजनीतिक जवाब देना होगा।

कांग्रेस ने मतदाता सूची संशोधन पर भी जताया विरोध

इसी बीच कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने मतदाता सूची से जुड़े ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ यानी SIR का विरोध करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि राज्य की मतदाता सूची से करीब दो करोड़ नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है।

कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का संशोधन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को भी आगामी राजनीतिक बहस से जोड़ने के संकेत दिए हैं।

महाराष्ट्र में बढ़ती राजनीतिक टकराव की स्थिति

राहुल गांधी के नासिक दौरे के दौरान हुआ भाजपा का प्रदर्शन महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। महिला आरक्षण, युवा राजनीति, मतदाता सूची और संगठनात्मक विस्तार जैसे मुद्दे आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एक ओर भाजपा राहुल गांधी और कांग्रेस पर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा के दावों को खारिज कर अपने पुराने समर्थन और महिला सशक्तीकरण से जुड़े राजनीतिक इतिहास का हवाला दे रही है।

नासिक में हुए प्रदर्शन के बाद यह विवाद केवल महिला आरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस के युवा कार्यक्रम, आरएसएस में महिलाओं की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव जैसे मुद्दों तक फैल गया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं।

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