Health Alert: डायबिटीज से बढ़ रही मौतें, 2050 तक दुनिया की 13% आबादी चपेट में

IDF रिपोर्ट: 2024 में दुनिया में 58.9 करोड़ डायबिटीज मरीज, भारत में हर सातवां व्यक्ति प्रभावित, 2050 तक संख्या 85 करोड़ तक पहुंच सकती है।

डायबिटीज दुनिया के लिए तेजी से बढ़ता स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। IDF के अनुसार 2024 में 58.9 करोड़ लोग इससे पीड़ित थे, जो 2050 तक 85 करोड़ से ज्यादा हो सकते हैं। भारत पर इसका सबसे बड़ा असर दिख रहा है, जहां हर सातवां मरीज डायबिटिक है।

Diabetes Global Crisis: इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दुनिया भर में 20 से 79 वर्ष आयु वर्ग के करीब 58.9 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे। यह समस्या कहां और क्यों बढ़ रही है, इसका जवाब आंकड़ों में साफ दिखता है। बढ़ती जीवनशैली बीमारियों और शहरीकरण के चलते 2050 तक मरीजों की संख्या 85 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। भारत इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है, जहां चीन के बाद दूसरे सबसे ज्यादा डायबिटीज मरीज हैं।

2050 तक कितनी बढ़ेगी डायबिटीज की मार

IDF के अनुमान के अनुसार, 2024 में 20 से 79 साल की उम्र के करीब 58.9 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे। अगले 25 सालों में यह आंकड़ा बढ़कर 85 करोड़ से ज्यादा हो सकता है। मौजूदा समय में दुनिया में हर 9 में से एक व्यक्ति मधुमेह से जूझ रहा है।

बीमारी का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। इलाज और देखभाल पर दुनियाभर में करीब एक ट्रिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं, जो पिछले 17 वर्षों में 338 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। यह आर्थिक दबाव आने वाले वर्षों में और बढ़ने की आशंका है।

Health Alert: डायबिटीज से बढ़ रही मौतें, 2050 तक दुनिया की 13% आबादी चपेट में

भारत में हर 7 में से एक मरीज

भारत डायबिटीज मरीजों की संख्या में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। साल 2024 में देश में करीब 9 करोड़ वयस्क डायबिटीज से पीड़ित थे। इसका मतलब है कि वैश्विक स्तर पर हर 7 में से एक डायबिटीज मरीज भारत से जुड़ा है।

आंकड़े बताते हैं कि साल 2000 में जहां मरीजों की संख्या 3.2 करोड़ थी, वहीं 2050 तक यह बढ़कर करीब 15.7 करोड़ हो सकती है। यानी 50 वर्षों में लगभग पांच गुना उछाल। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में भी डायबिटीज के कुल मामलों में भारत का योगदान 80 प्रतिशत से ज्यादा है।

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मरीज

वैश्विक स्तर पर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा 215 मिलियन डायबिटीज मरीज हैं, जिनमें चीन का बड़ा योगदान है। इसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया का स्थान आता है, जहां भारत प्रमुख भूमिका निभाता है। मध्य-पूर्व और उत्तर अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका भी तेजी से प्रभावित हो रहे हैं।

लैंसेट डायबिटीज एंडोक्राइनोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक पाकिस्तान मरीजों की संख्या के लिहाज से तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है, जबकि चीन और भारत शीर्ष दो देशों में बने रहेंगे।

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