किडनी स्टोन के रोगियों में दूध और कैल्शियम का सेवन अक्सर विवादित रहता है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु वर्मा के अनुसार, छोटे स्टोन (5 मिलीमीटर तक) होने पर सीमित मात्रा में दूध पीना सुरक्षित है और यह स्टोन को यूरिन के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। संतुलित खानपान, नमक व प्रोटीन का नियंत्रण और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
Kidney stones and milk consumption: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु वर्मा के मुताबिक, किडनी में पथरी होने पर सीमित मात्रा में दूध पीना सुरक्षित है और यह छोटे स्टोन को यूरिन के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। भारत में बढ़ती जीवनशैली और खानपान की आदतों के चलते स्टोन की समस्या आम हो रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि संतुलित खानपान, कम नमक, प्रोटीन नियंत्रित करना और दिन में 2 लीटर पानी पीना स्टोन को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। छोटे स्टोन दवाओं और जीवनशैली बदलाव से ठीक हो सकते हैं, जबकि बड़े स्टोन के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
दूध और कैल्शियम का असर
डॉ. वर्मा बताते हैं कि किडनी में पथरी बनने का मुख्य कारण कैल्शियम ऑक्सलेट का जमाव होता है। हालांकि, लोग सोचते हैं कि कैल्शियम युक्त चीजें स्टोन बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, यदि स्टोन का आकार 5 मिलीमीटर से छोटा है, तो सीमित मात्रा में दूध पीना सुरक्षित है और यह स्टोन को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है।
साथ ही, दूध के सेवन के साथ संतुलित खानपान जरूरी है। ज्यादा नमक, प्रोटीन और ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पालक और चॉकलेट की अधिकता स्टोन बढ़ा सकती है।

खानपान और जीवनशैली का ध्यान
किडनी स्टोन से बचाव या नियंत्रण के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। दिन में कम से कम 2 लीटर पानी पीने से यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सलेट का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
डॉ. वर्मा कहते हैं कि खानपान में इन सावधानियों के साथ हल्का और संतुलित भोजन अपनाने से स्टोन की संख्या और साइज नियंत्रित किया जा सकता है। छोटे स्टोन दवाओं या जीवनशैली बदलाव से आसानी से निकल सकते हैं, जबकि बड़े स्टोन के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।











