प्रसव के बाद नई मां के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार ओट्स, हरी सब्जियां, दालें, मेवे, तिल और पर्याप्त पानी जैसे पोषक विकल्प शरीर की रिकवरी में मदद करते हैं तथा स्वस्थ स्तनपान यात्रा को बेहतर समर्थन प्रदान कर सकते हैं।
Recovery after delivery and boost breast milk: मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव होता है, लेकिन इसके साथ शरीर और मन दोनों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी आती हैं। प्रसव के बाद शरीर को रिकवर होने, ऊर्जा वापस पाने और नवजात शिशु को पर्याप्त पोषण देने के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता होती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं के शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और पर्याप्त पानी की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सही पोषण न केवल प्रसव के बाद रिकवरी की प्रक्रिया को तेज करता है, बल्कि स्तन दूध (Breast Milk) के उत्पादन को भी बेहतर तरीके से सपोर्ट करता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि कोई एक भोजन अकेले दूध की मात्रा बढ़ाने की गारंटी नहीं देता। पर्याप्त स्तनपान, सही लॅचिंग तकनीक, नियमित फीडिंग, पर्याप्त आराम और संतुलित आहार मिलकर स्वस्थ स्तनपान यात्रा को संभव बनाते हैं।
नीचे बताए गए सुपरफूड्स नई माताओं के लिए पोषण से भरपूर विकल्प माने जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं।
1. ओट्स: आयरन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत
ओट्स को प्रसव के बाद सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में शामिल किया जाता है। इसमें आयरन, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं।
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे डिलीवरी के बाद होने वाली कमजोरी और एनीमिया का खतरा कम हो सकता है। वहीं, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं, जो स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए महत्वपूर्ण है। ओट्स का नियमित सेवन संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।
2. हरी पत्तेदार सब्जियां: पोषण का प्राकृतिक खजाना
पालक, मेथी, सरसों, केल और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन, कैल्शियम, फोलेट, विटामिन ए, विटामिन के और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं।
ये पोषक तत्व शरीर की रिकवरी, हड्डियों को मजबूत बनाने और रक्त निर्माण में मदद करते हैं। इसके अलावा, इनमें मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्तनपान कराने वाली महिलाएं अपनी दैनिक डाइट में मौसमी हरी सब्जियों को जरूर शामिल करें।
3. मेवे और बीज: हेल्दी फैट और ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और कद्दू के बीज आवश्यक फैटी एसिड, प्रोटीन, विटामिन ई और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, हेल्दी फैट मां को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सीमित मात्रा में मेवों और बीजों का नियमित सेवन स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए लाभदायक माना जाता है।

4. लहसुन और अदरक: प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण
लहसुन और अदरक लंबे समय से पारंपरिक आहार का हिस्सा रहे हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रिकवरी में सहायक हो सकते हैं।
कुछ अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि लहसुन का सेवन कुछ महिलाओं में स्तनपान की अवधि को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसके प्रभाव व्यक्ति विशेष पर निर्भर करते हैं। इसलिए इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
5. दालें और फलियां: प्रोटीन की दैनिक जरूरत पूरी करें
मसूर, मूंग, उड़द, चना, राजमा और लोबिया जैसी दालें प्रोटीन, आयरन, जिंक और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं।
डिलीवरी के बाद शरीर के ऊतकों की मरम्मत, नई कोशिकाओं के निर्माण और मांसपेशियों की रिकवरी के लिए पर्याप्त प्रोटीन बेहद जरूरी होता है। दालें शाकाहारी महिलाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का उत्कृष्ट विकल्प हैं।
6. साबुत तिल: कैल्शियम से भरपूर सुपरफूड
साबुत तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और हेल्दी फैट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। स्तनपान के दौरान मां के शरीर से कैल्शियम की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में संतुलित मात्रा में तिल का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। तिल को लड्डू, चटनी या सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है।
पर्याप्त पानी पीना भी है उतना ही जरूरी
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने पर थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ, दूध, सूप और बिना चीनी वाले पेय पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए अपनाएं ये हेल्दी आदतें
केवल सुपरफूड्स ही पर्याप्त नहीं हैं। स्वस्थ रिकवरी के लिए कुछ अच्छी आदतें भी जरूरी हैं।
- पर्याप्त नींद और आराम लें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधि करें।
- तनाव कम रखने की कोशिश करें।
- बच्चे को बार-बार स्तनपान कराएं।
- संतुलित और विविध आहार लें।
- किसी भी सप्लीमेंट का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
हर महिला का शरीर अलग होता है। किसी एक भोजन का असर सभी पर समान नहीं होता। यदि स्तन दूध की मात्रा कम लग रही हो, बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा हो या मां को लगातार कमजोरी महसूस हो रही हो, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ या लैक्टेशन कंसल्टेंट से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है। यदि किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी, गैस, पेट दर्द या अन्य समस्या महसूस हो, तो उसका सेवन बंद कर डॉक्टर से संपर्क करें।













