कड़ाही पनीर उत्तर भारत की एक लाजवाब डिश है, जिसका नाम इसे बनाने के खास बर्तन 'कड़ाही' और इसमें इस्तेमाल होने वाले विशेष 'कड़ाही मसाले' के कारण पड़ा। यह शिमला मिर्च, प्याज और ताजे कुटे हुए मसालों के मेल से तैयार होती है, जो इसे दूसरी पनीर डिशेज से बिल्कुल अलग और जायकेदार बनाता है।
सामग्री
- मुख्य: 250 ग्राम पनीर (क्यूब्स में), 1 बड़ी शिमला मिर्च, 2 मध्यम प्याज (परतों में कटे हुए)।
- ग्रेवी के लिए: 2 टमाटर, 1 इंच अदरक, 4-5 लहसुन की कलियां, 2 हरी मिर्च।
- कड़ाही मसाला: 2 चम्मच साबुत धनिया, 1 चम्मच जीरा, 4 सूखी लाल मिर्च, 5-6 काली मिर्च (इन सबको भूनकर दरदरा कूट लें)।
- अन्य: आधा कप क्रीम या मलाई, बारीक कटा हरा धनिया, हल्दी, नमक और तेल/मक्खन।
बनाने का तरीका
- सबसे पहले एक पैन में साबुत मसालों को भूनकर दरदरा कूट लें (यही असली स्वाद है)।
- अब कड़ाही में तेल गरम करें और प्याज व शिमला मिर्च को हल्का टॉस (Sauté) करके निकाल लें।
- उसी तेल में अदरक-लहसुन का पेस्ट और टमाटर की प्यूरी डालकर तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न हो जाए।
- अब इसमें तैयार कड़ाही मसाला, नमक और हल्दी डालें।
- मसाले भुन जाने पर पनीर, तली हुई सब्जियां और थोड़ी क्रीम डालकर 5 मिनट धीमी आंच पर पकाएं। अंत में हरा धनिया और कसूरी मेथी छिड़कें।
परोसने के तरीके
कड़ाही पनीर को गरमा-गरम तंदूरी रोटी, बटर नान या लच्छा परांठे के साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है। इसके साथ सिरके वाले प्याज और पुदीने की चटनी इसके स्वाद को दोगुना कर देती है। आप इसे जीरा राइस के साथ भी सर्व कर सकते हैं। परोसते समय ऊपर से थोड़ा कद्दूकस किया हुआ पनीर और अदरक के लच्छे सजाएं।
खाने के फायदे
कड़ाही पनीर केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण का भी अच्छा स्रोत है। पनीर में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और मजबूती के लिए अनिवार्य है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। शिमला मिर्च विटामिन-C का बेहतरीन स्रोत है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाती है। साथ ही, इसमें इस्तेमाल होने वाले ताजे मसाले जैसे अदरक, लहसुन और काली मिर्च पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं।













