High Protein Diet के फायदे और मिथक, जानें क्या है सही

संतुलित प्रोटीन लेना जरूरी है। अत्यधिक प्रोटीन से किडनी और पाचन पर दबाव पड़ सकता है। दूध, दही, अंडा, दाल और चिकन फायदेमंद हैं।

हाई-प्रोटीन डाइट शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसकी आवश्यकता हर व्यक्ति में अलग होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना ही पर्याप्त है। अत्यधिक प्रोटीन से किडनी पर दबाव, पाचन समस्याएं और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। संतुलित आहार में दूध, दही, अंडा, दाल या चिकन शामिल करना फायदेमंद है।

High Protein Diet: आजकल हाई-प्रोटीन डाइट को स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए जरूरी माना जा रहा है। भारत में लोग रोजमर्रा के भोजन में अतिरिक्त प्रोटीन जोड़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मात्रा उम्र, लिंग, फिजिकल एक्टिविटी और मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करती है। संतुलित प्रोटीन लेने से मांसपेशियों की मजबूती, टिश्यू रिपेयर और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जबकि अत्यधिक प्रोटीन से किडनी और पाचन पर दबाव पड़ सकता है।

प्रोटीन की अहमियत और सही मात्रा

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए अनिवार्य पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने, टिश्यू रिपेयर और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है। हालांकि, हर थाली में दोगुना प्रोटीन लेना जरूरी नहीं है। एक्सपर्ट के अनुसार, प्रोटीन की जरूरत उम्र, लिंग, फिजिकल एक्टिविटी और मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करती है। आम तौर पर 0.8 से 1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो बॉडी वेट पर्याप्त माना जाता है।

भारतीय आहार में अक्सर प्रोटीन की कमी होती है, इसलिए संतुलित मात्रा में दूध, दही, पनीर, अंडा, दाल या चिकन जैसे सोर्स शामिल करना फायदेमंद है। अत्यधिक प्रोटीन लेने से चमत्कारी फायदे नहीं दिखते और शरीर पर दबाव भी पड़ सकता है।

अत्यधिक प्रोटीन के संभावित नुकसान

ज्यादा प्रोटीन किडनी पर दबाव डाल सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से किडनी की समस्या हो। इसके अलावा, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। बिना सलाह के सप्लीमेंट या प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करना भी सुरक्षित नहीं है।

सही प्रोटीन सोर्स और दिनचर्या

व्यायाम करने वाले या उम्रदराज लोगों के लिए अधिक प्रोटीन फायदेमंद हो सकता है। हर खाने में एक प्रोटीन सोर्स शामिल करना बेहतर है, जैसे नाश्ते में दूध या अंडा, दोपहर या रात के खाने में दाल, दही या चिकन। स्नैक्स में बिस्किट की जगह मेवे या भुना चना लेना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है।

Leave a comment