भिंडी का पानी वजन घटाने में सहायक हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और भूख कम करता है। हालांकि, यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। पेट संबंधी समस्याओं, हाई यूरिक एसिड या लो शुगर वाले लोगों को इसे अपनाने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ सलाह जरूरी है।
Weight Loss Tip: दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल के डॉ. अजित जैन के मुताबिक, भिंडी का पानी वजन घटाने में मदद कर सकता है क्योंकि यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक होता है। यह उपाय 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं है। जिन लोगों को पेट की समस्या, किडनी स्टोन या लो ब्लड शुगर की शिकायत है, उन्हें इसे अपनाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ इसे ही असरदार माना जाता है।
क्या सच में वजन घटाने में मदद करता है भिंडी का पानी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक भिंडी का पानी वजन कम करने की प्रक्रिया में सहायक भूमिका निभा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार खाने की आदत कम होती है। कैलोरी कम होने की वजह से कुल कैलोरी इनटेक भी कंट्रोल में रहता है।
दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजित जैन बताते हैं कि भिंडी का पानी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मददगार हो सकता है। हालांकि यह तभी असर दिखाता है जब इसे संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ अपनाया जाए।

हर किसी के लिए क्यों नहीं है यह तरीका
डॉक्टर्स का कहना है कि भिंडी का पानी सभी लोगों को सूट नहीं करता। जिन लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं, अपच या गैस की शिकायत रहती है, उन्हें इससे दूरी बनानी चाहिए। कुछ मामलों में यह परेशानी बढ़ा सकता है।
इसके अलावा हाई यूरिक एसिड, किडनी स्टोन या लो ब्लड शुगर वाले लोगों के लिए भी भिंडी का पानी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में बिना सलाह इसे अपनाना सेहत पर उल्टा असर डाल सकता है।
डॉक्टर की सलाह क्यों है जरूरी
एक्सपर्ट्स साफ करते हैं कि भिंडी का पानी कोई मैजिक ड्रिंक नहीं है, जिससे सिर्फ इसे पीकर वजन कम हो जाए। वजन घटाने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी हैं।
अगर कोई इसे वेट लॉस के लिए अपनाने की सोच रहा है, तो पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। इससे यह तय हो सकेगा कि यह आपके शरीर के लिए सुरक्षित है या नहीं।













