रसमलाई

रसमलाई बनाने की आसान विधि जानें। छेना, रबड़ी, केसर और मेवों से बनी शाही बंगाली मिठाई के फायदे और परोसने के खास तरीके।
रसमलाई
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रसमलाई भारत की सबसे लोकप्रिय और शाही मिठाइयों में से एक है। यह मूल रूप से बंगाल की मिठाई है, जिसमें छेने के नरम स्पंजी गोलों को गाढ़ी और मलाईदार रबड़ी में डुबोया जाता है। इसका स्वाद मुंह में घुल जाने वाला होता है।

आवश्यक सामग्री

छेने के लिए:

  • दूध: 1 लीटर (गाय का दूध सबसे अच्छा होता है क्योंकि इससे छेना नरम बनता है)
  • नींबू का रस या सिरका: 2-3 चम्मच (दूध फाड़ने के लिए)
  • आरारोट या कॉर्नफ्लोर: 1 छोटा चम्मच (बांधने के लिए)
  • पानी: छेना धोने के लिए

चाशनी 

  • चीनी: 1 कप
  • पानी: 5 कप (चाशनी पतली होनी चाहिए)
  • रबड़ी (दूध) के लिए:
  • दूध: 1 लीटर (फुल क्रीम)
  • चीनी: आधा कप (स्वादानुसार)
  • केसर: 10-12 धागे (गुनगुने दूध में भीगे हुए)
  • इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
  • सूखे मेवे: बादाम और पिस्ता (बारीक कटे हुए)

बनाने की विधि

छेना बनाएं: 1 लीटर दूध उबालें और नींबू का रस डालकर फाड़ लें। इसे कपड़े में छानें, ठंडे पानी से धोएं और निचोड़कर पानी निकाल दें।

टिक्किया बनाएं: छेने को थाली में हथेली से मसलकर एकदम चिकना कर लें। इसमें 1 चम्मच कॉर्नफ्लोर मिलाएं और छोटी-छोटी चपटी टिक्किया (बॉल्स) बना लें।

चाशनी में पकाएं: एक बर्तन में 1 कप चीनी और 5 कप पानी उबालें। जब पानी उबलने लगे, तो टिक्किया उसमें डालें और ढककर तेज आंच पर 10-12 मिनट पकाएं।

रबड़ी तैयार करें: दूसरे बर्तन में 1 लीटर दूध को उबालकर थोड़ा गाढ़ा कर लें। इसमें चीनी, इलायची पाउडर, केसर और कटे हुए मेवे मिलाएं।

रसमलाई तैयार करें: पकी हुई टिक्किया को चाशनी से निकालकर हल्का दबाएं (निचोड़ें) और रबड़ी में डाल दें। इसे फ्रिज में 4-5 घंटे ठंडा करके परोसें।

परोसने का तरीका

  • ठंडा परोसें: रसमलाई का असली स्वाद एकदम ठंडा ही आता है।
  • सजावट: परोसते समय ऊपर से थोड़े और केसर के धागे और सूखे गुलाब की पंखुड़ियाँ डालें।
  • मिट्टी के बर्तन: इसे मिट्टी के बर्तनों में परोसने से इसका रूप और स्वाद दोनों बढ़ जाता है।

खाने के फायदे

रसमलाई प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है क्योंकि यह दूध और छेने से बनी होती है, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। इसमें मौजूद सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता) शरीर को अच्छी वसा और ऊर्जा देते हैं। चूंकि इसे तला नहीं जाता, इसलिए यह गुलाब जामुन जैसी तली हुई मिठाइयों के मुकाबले कम वसा वाली और हल्की होती है। केसर और इलायची पाचन में मदद करते हैं।

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