सावन सोमवार के व्रत में स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल चाहते हैं तो घर पर क्रिस्पी साबूदाना वड़ा बनाएं। आलू, साबूदाना और मूंगफली से तैयार यह फलाहारी स्नैक लंबे समय तक पेट भरा रखता है और आसानी से बन जाता है।
Savan recipe: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना, उपवास और सात्विक भोजन का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और दिनभर फलाहारी भोजन का सेवन करते हैं। ऐसे में ऐसी रेसिपी की तलाश रहती है जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हो और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखे। साबूदाना वड़ा ऐसी ही एक लोकप्रिय व्रत रेसिपी है, जिसे भारत के कई हिस्सों में सावन, नवरात्रि और अन्य उपवासों के दौरान बड़े चाव से बनाया जाता है।
बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम साबूदाना वड़ा स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल है। साबूदाना, आलू और मूंगफली से तैयार होने वाली यह डिश न केवल आसानी से बन जाती है, बल्कि इसे दही या व्रत वाली हरी चटनी के साथ परोसने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
क्यों है साबूदाना वड़ा व्रत के लिए खास?
उपवास के दौरान शरीर को ऐसी चीजों की जरूरत होती है जो जल्दी ऊर्जा दें और लंबे समय तक पेट भरा रखें। साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है, जबकि मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट प्रदान करती है। आलू इसमें बाइंडिंग के साथ-साथ स्वाद भी बढ़ाता है।
इसी वजह से साबूदाना वड़ा व्रत के दौरान पसंद किए जाने वाले सबसे लोकप्रिय फलाहारी व्यंजनों में शामिल है।
साबूदाना वड़ा बनाने के लिए सामग्री
लगभग चार लोगों के लिए आवश्यक सामग्री:
- 1 कप साबूदाना
- 3 मध्यम आकार के उबले और मैश किए हुए आलू
- 1 कप भुनी हुई दरदरी मूंगफली
- 4 से 5 बारीक कटी हरी मिर्च
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- 1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक (स्वादानुसार)
- तलने के लिए घी या तेल
साबूदाना तैयार करने का सही तरीका
साबूदाना वड़ा की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि साबूदाना सही तरीके से तैयार किया गया है या नहीं।
सबसे पहले साबूदाना को अच्छी तरह धो लें ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद इसे सीमित मात्रा में पानी डालकर लगभग पांच घंटे या जरूरत अनुसार भिगो दें। जब साबूदाना पूरी तरह फूल जाए और दाने अलग-अलग दिखाई दें, तब इसका उपयोग करें।
यदि साबूदाना अधिक पानी में भिगोया जाएगा तो मिश्रण चिपचिपा हो सकता है और वड़े तलते समय टूट सकते हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की विधि
1. मूंगफली तैयार करें
भुनी हुई मूंगफली का छिलका निकालकर उसे दरदरा पीस लें। बहुत बारीक पाउडर बनाने से वड़े का स्वाद और टेक्सचर प्रभावित हो सकता है।
2. मिश्रण तैयार करें
एक बड़े बर्तन में भीगा हुआ साबूदाना, मैश किए हुए आलू, दरदरी मूंगफली, सेंधा नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। सभी सामग्री को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि एक समान मिश्रण तैयार हो जाए।
3. वड़े का आकार दें
अब मिश्रण से छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें हल्का दबाएं और वड़े का आकार दें। यदि मिश्रण बहुत नरम लगे तो थोड़ा और मूंगफली पाउडर मिलाया जा सकता है।
4. सुनहरा होने तक तलें
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। जब तेल मध्यम गर्म हो जाए, तब एक-एक करके वड़े डालें। मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
तैयार वड़ों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
किसके साथ परोसें?
साबूदाना वड़ा को कई तरह से परोसा जा सकता है।
- व्रत वाली हरी धनिया की चटनी
- ताजा दही
- मीठी दही
- मूंगफली की चटनी
गर्मागर्म परोसे जाने पर इसका स्वाद सबसे अच्छा लगता है।
परफेक्ट साबूदाना वड़ा बनाने के जरूरी टिप्स
साबूदाना ज्यादा न भिगोएं
जरूरत से अधिक पानी में भिगोने पर दाने चिपक जाते हैं और वड़ा कुरकुरा नहीं बनता।
तेल सही तापमान पर रखें
यदि तेल कम गर्म होगा तो वड़े अधिक तेल सोखेंगे और टूट भी सकते हैं। बहुत ज्यादा गर्म तेल में वड़े बाहर से जल सकते हैं और अंदर से कच्चे रह सकते हैं।
मूंगफली दरदरी रखें
दरदरी मूंगफली वड़ों में बेहतरीन स्वाद और हल्का क्रंच देती है।
मिश्रण ज्यादा गीला न हो
यदि मिश्रण ढीला लगे तो थोड़ा मूंगफली पाउडर मिलाकर उसे संतुलित किया जा सकता है।
पोषण की दृष्टि से भी अच्छा विकल्प
साबूदाना वड़ा स्वादिष्ट होने के साथ ऊर्जा देने वाला व्यंजन भी है। साबूदाना शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, जबकि मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है। आलू कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। हालांकि इसे डीप फ्राई किया जाता है, इसलिए संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर माना जाता है।
सावन और अन्य व्रतों के लिए उपयुक्त
यह रेसिपी केवल सावन सोमवार तक सीमित नहीं है। इसे नवरात्रि, महाशिवरात्रि, एकादशी और अन्य उपवासों में भी बनाया जा सकता है। कम सामग्री, आसान विधि और बेहतरीन स्वाद के कारण यह हर घर की पसंदीदा फलाहारी डिश बन चुकी है।








